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इंदौर में खुलेगा प्रदेश का पहला मिल्क बैंक
स्तनपान को बढावा देने के लिए मदरहूड हॉस्पीटल में सेमीनार का आयोजन
इंदौर। इंदौर के मदरहुड हॉस्पीटल में ष्षहर का पहला मिल्क बैंक खोला जाएगा। जिसमें प्रसूता महिलाओं द्वारा पंप या हाथ से स्तन का दूध निकाल कर साफ सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा जो गंभीर रूप से बीमा शिशुओं के लिए नर्सरी में जीवनदायिनी होगा।
हॉस्पीटल के प्रषासनिक अधिकारी श्री अमित वैद्य ने बताया कि अस्पताल में स्तनपान को बढावा देने व जनजागृति फैलाने के लिए एक सेमीनार का आयोजन किया गया । इस सेमीनार के मुख्य अतिथी प्रदेष के चिकित्सा मंत्री श्री तुलसी सिलावट थे । उन्होने स्तनपान को बढावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासो की जानकारी दी ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्त्री रोग विषेषज्ञ डॉ निरजा पुराणिक ने कहा कि यूनिसेफ पोषण संस्थाओं तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण द्वारा हाल ही जारी रिपोर्ट्स का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय औसत की तुलना में मध्य प्रदेश राज्य में बहुत काम करने की जरूरत है फिलहाल केवल 41.6 प्रतिशत शिशुओं को प्रसव के प्रथम घंटे में मां के दूध का जीवन रक्षक स्वरूप मिल पाता है । 6 माह तक केवल मां का दूध फिर 2 वर्ष से 4 तक मां के दूध के साथ घरेलू आहार की आदर्श स्थिति आज भी 40 प्रतिषत मामलों में पूरी नहीं हो पाती।

श्री अमित वैद्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि बच्चो को मां का दूध मुहैया कराने के लिए इंदौर का पहला मिल्क बैंक मदरहुड हास्पीटल में खोला जा रहा है। इसकी प्रक्रिया भी षुरु हो चुकी है। जिसमें प्रसूता महिलाओं द्वारा पंप या हाथ से स्तन का दूध निकाल कर साफ सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा जो गंभीर रूप से बीमा शिशुओं के लिए नर्सरी में जीवनदायिनी होगा।
शिशु रोग विशेषज्ञ संघ की ओर से डॉक्टर निर्भय मेहता और स्त्री रोग संघ की ओर से डॉक्टर रुमा शुक्ला ने स्तनपान में शो प्रतिशत परिपालन न हो पानी की त्रासदी पर दुख प्रकट किया उसमें सुधारों के प्रति अपने चिकित्सक संगठनों की प्रतिबद्धता को दोहराया।
वर्तमान टेक्नोलॉजी के युग में स्मार्टफोन के माध्यम से सोशल मीडिया ग्रुप्स की भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘‘माम्स कनेक्ट‘‘ ग्रुप की ओर से श्रीमती निकिता ने अपने समूह की गतिविधियों के बारे में बताया की कैसे आपसी चर्चा सलाह प्रोत्साहन आदि के अनेक माताओं और शिशुओं की स्तनपान संबंधी समस्याओं का आसानी से हल निकाला जा सकता है.
डॉ प्रवीण झाड़ियां ने जिला स्वास्थ्य सेवाओं में स्तनपान को प्रोत्साहन तथा प्रस्तावित शासकीय मिल्क बैंक के बारे में जानकारी दें दी।


