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नुक्कड़ नाटक से दूध का सच – “डोंट बिलीव द डेयरी टेल” का मंचन इंदौर में
केबीसी के 200 करोड़ बार देखे गए वायरल वीडियो से छिड़ी चर्चा, अब युवा भारत इसे सड़कों तक ले जाएगा
इंदौर, 23 अगस्त 2026 — अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की पृष्ठभूमि में इंदौर के युवा कार्यकर्ताओं ने रविवार को 56 दुकान पर एक विचारोत्तेजक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। यह प्रदर्शन देश के 10 शहरों में चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा था। “हर सफेद दिखने वाली चीज़ सफेद तो होती है, पर उसके पीछे छुपा है कोई अनसुना सच।” इसी विचार को केंद्र में रखते हुए अनोखे गेम शो अंदाज़ में प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को झकझोर दिया।
इंदौर एनिमल लिबरेशन और वन जस्ट वर्ल्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 15 कलाकारों ने “डोंट बिलीव द डेयरी टेल (दूध का सच)” का मंचन किया। लगभग 10 मिनट की इस प्रस्तुति ने डेयरी उद्योग से जुड़ी आम धारणाओं को चुनौती दी और लोगों को गायों तथा भैंसों के साथ होने वाले व्यवहार पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित किया। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने इस सच को जाना और करुणा का साथ देने का संकल्प लिया।
यह नाटक मशहूर शो होस्ट अमिताभ बच्चन और प्रतियोगी सिद्धार्थ शर्मा के बीच हुई उस वायरल बातचीत से प्रेरित है, जिसने सोशल मीडिया पर 200 करोड़ से अधिक बार देखे जाने के बाद भारत के डेयरी क्षेत्र की सच्चाइयों पर व्यापक चर्चा छेड़ दी थी। इस बातचीत में दूध के प्राकृतिक अधिकार और बछड़े के साथ उसके संबंध पर उठाए गए सवालों ने लाखों लोगों को डेयरी प्रथा पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत 23 अगस्त को चंडीगढ़, अहमदाबाद, हैदराबाद, इंदौर और नागपुर में मंचन हुआ, जबकि 30 अगस्त को मुंबई, पुणे, कोलकाता और हिसार में तथा 13 सितंबर को फरीदाबाद में प्रस्तुत किया जाएगा। युवाओं के नेतृत्व वाले इस समूह ने नुक्कड़ नाटक के सशक्त माध्यम से जनता का ध्यान डेयरी उद्योग की जमीनी हकीकत की ओर आकर्षित किया।
कार्यक्रम के आयोजकों दुर्गा बलानी, सुरेश व्यास और अजय ने कहा, “इस क्लिप पर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि भारत के कई युवा डेयरी उद्योग से जुड़ी पुरानी धारणाओं पर फिर से विचार कर रहे हैं। हमारा नुक्कड़ नाटक इसी जरूरी बातचीत को सार्वजनिक मंच तक लाने का एक प्रयास है।”
डेयरी से जुड़ी चिंताएं केवल पशु कल्याण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण से भी है। दूध देना बंद कर चुकी गायों और अन्य पशुओं को सड़कों पर छोड़ दिए जाने की समस्या कई शहरों में गंभीर रूप ले चुकी है। व्यस्त सड़कों पर बेसहारा पशुओं और वाहनों के बीच होने वाली टक्कर कई बार जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है।
IAL की फाउंडर दुर्गा बलानी ने कहा, “यह नाटक जनता, विशेषकर युवाओं से सीधे और सरल तरीके से जुड़ने का एक माध्यम है। हमारा उद्देश्य डेयरी उद्योग से जुड़े उन पहलुओं पर बातचीत शुरू करना है, जिन पर आमतौर पर पर्याप्त चर्चा नहीं होती।”
यह अभियान नीति निर्माताओं, संस्थानों और नागरिकों से ऐसी खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देने का आह्वान करता है जो पशुओं, लोगों और पर्यावरण—तीनों के हितों को ध्यान में रखें, तथा पौध आधारित विकल्पों के विकास और उनकी पहुंच को बढ़ावा दें।
वन जस्ट वर्ल्ड के बारे में वन जस्ट वर्ल्ड युवाओं द्वारा संचालित पशु और जलवायु संरक्षण समूह है। यह समूह कृषि पशुओं और पर्यावरण के हितों की रक्षा के लिए भारत की खाद्य प्रणालियों में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करता है।


