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ए टी डी सी इंदौर की छात्रा राष्ट्रीय मास्क मेकिंग कॉम्पिटिशन में प्रथम विजेता
अपैरल ट्रेनिंग एंड डिज़ाइन सेंटर (एटीडीसी),अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल (एईपीसी) द्वारा संवर्धित एवं वस्त्र मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है l इसमें फैशन डिजाइनिंग एवं अपैरल मैन्युफैक्चरिंग से सम्बंधित डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज करवाए जाते हैंl
कोरोना महामारी के प्रकोप से बचाव के लिए पुरे विश्व भर में मास्क भी कपड़ों की ही तरह एक जरुरी वस्तु बन गया है जिसकी मांग को देखते हुए ए टी डी सी मुख्यालय गुरुग्राम ने एक मास्क बनाने की ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिसकी समन्वयक श्रीमती दलजीत कौर, रजिस्ट्रार रही।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ए टी डी सी के देश भर में स्थित विभिन्न केन्द्रो में पढ़ रहे विद्यार्थियों को घर में ही मास्क बनाने एवं उसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करना था। मुख्य उद्देश्य ए टी डी सी के देश भर में स्थित विभिन्न केन्द्रो में पढ़ रहे विद्यार्थियों को घर में ही मास्क बनाने के लिए प्रेरित करना था।
इसके लिए सभी विद्यार्थियों से उनके मास्क बनाते हुए वीडियो तथा साथ ही लिखित में पूरी प्रक्रिया का विवरण भी मंगवाया गया । इसके लिए प्रथम पुरस्कार 5000 रु , द्वितीय पुरस्कार 3500 रु , तृतीय पुरस्कार 3000 रु तथा 500 रु के 20 सांत्वना पुरस्कारों की भी घोषणा की गयी।
ए टी डी सी इंदौर की प्रिंसिपल श्रीमती प्रीति सर्वा जी ने बताया कि देश भर के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर इस प्रतियोगिता में भाग लिया। ए टी डी सी इंदौर के भी कुछ विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के मापदण्डों पर खरा उतरने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। निर्णायकों ने मौलिकता और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विजेताओं का चयन किया।
प्रीति सर्वा जी के अनुसार छात्रा यश्विनी शिंदे ने प्रथम पुरस्कार जीत कर ए टी डी सी और इंदौर शहर को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया। यश्विनी ने यह सिद्व कर दिया की इंदौर के छात्र किसी भी परिस्थिति में अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। यशस्विनी ने इसका पूरा श्रेय लॉक डाउन के दौरान ए टी डी सी द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही ऑनलाइन टीचिंग की सुविधा और अपने शिक्षकों को दिया जिन्होंने उसे इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा एक अन्य पूर्व छात्रा जयंती रघुवंशी को भी सांत्वना पुरस्कार मिला। इन दोनों छात्राओं द्वारा बनाये गए गए वीडियो ए टी डी सी इंदौर के फेसबुक पेज पर उपलब्ध हैं जिसे कोई भी सर्च करके देख सकता है। प्रीति सर्वा जी ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया की ए टी डी सी इंदौर के छात्रों को इतना कुशल प्रशिक्षण दिया जाता है की अवसर मिलने पर वे किसी भी स्तर की प्रतियोगिता में विजेता बन सकते हैं।
नए सत्र के लिए प्रवेश प्रारम्भ हो चुके हैं इच्छुक उम्मीदवार संस्थान के परदेशीपुरा स्थित कार्यालय पर फ़ोन द्वारा संपर्क कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए संस्थान की वेबसाइट देखे। संक्रमण से बचाव के लिए कक्षाए यथासंभव ऑनलाइन लगाई जाएंगी ।


