- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
सर्जरी के बिना सफलतापूर्वक निकाली गई निगली हुई टूथब्रश
– मणिपाल अस्पताल, मुकुंदपुर में सफल आपातकालीन प्रक्रिया
कोलकाता, 17 जून 2025: 24 मई की तड़के एक दुर्लभ और संभावित रूप से घातक आपातकालीन स्थिति में, एक 37 वर्षीय महिला को सुबह 2:00 बजे मणिपाल अस्पताल, मुकुंदपुर (जो मणिपाल हॉस्पिटल्स समूह का हिस्सा है – पूर्वी भारत की सबसे बड़ी अस्पताल श्रृंखलाओं में से एक) में भर्ती कराया गया। महिला ने गलती से टूथब्रश निगल लिया था।
डॉ. संजय बसु, सीनियर कंसल्टेंट – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, मणिपाल अस्पताल – मुकुंदपुर, ने अपनी टीम के साथ समय पर प्रतिक्रिया देते हुए एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए महिला के पेट से टूथब्रश को सफलतापूर्वक निकाला। यह एक उच्च जोखिम वाली एंडोस्कोपी थी, जिसमें सर्जरी की आवश्यकता को टालते हुए सुरक्षित रूप से वस्तु को बाहर निकाला गया।
महिला को सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द हो रहा था, जिसके कारण तुरंत चिकित्सकीय जांच की गई। हालांकि आपातकालीन प्रोटोकॉल के अनुसार छाती का एक्स-रे किया गया, लेकिन प्लास्टिक का टूथब्रश स्कैन में दिखाई नहीं दिया। डॉ. बसु सुबह 3:00 बजे अस्पताल पहुंचे और तत्क्षण ऊपरी जीआई एंडोस्कोपी (Upper GI Endoscopy) की, जिसमें टूथब्रश पेट की गहराई में फंसा हुआ पाया गया।
डॉ. संजय बसु ने जानकारी साझा करते हुए कहा, “यह एक अत्यधिक जोखिम भरी स्थिति थी। टूथब्रश जैसे लंबे विदेशी वस्तु यदि पेट में फंसी रह जाए, तो यह गंभीर आंतरिक चोटें पहुँचा सकती है—जैसे पेट की परत फटना, रक्तस्राव या पाचन तंत्र का पूरी तरह अवरुद्ध हो जाना। सामान्यतः निगले गए छोटे वस्तुओं या इसोफेगस में फंसी वस्तुओं की तुलना में, इस केस की चुनौती यह थी कि टूथब्रश पेट तक पहुँच चुका था। इतनी गहराई से एंडोस्कोपिक तरीके से उसे बिना चोट पहुँचाए निकालना बेहद सूक्ष्मता की मांग करता है। एक समय ऐसा भी आया जब ब्रश ऊपरी खाने की नली में फँस गया। लेकिन नियंत्रित मैनुअल तकनीक और सिर की सावधानीपूर्वक स्थिति के साथ हम इसे सुरक्षित निकालने में सफल रहे। हर कदम सोच-समझकर उठाना पड़ा—हम सर्जरी से बचने के लिए समय से दौड़ रहे थे।”
एंडोस्कोप के जरिए एक स्नेयर (snare) का उपयोग करके, टीम ने टूथब्रश को धीरे-धीरे ऊपर खाने की नली तक खींचा। मरीज के सिर को पीछे की ओर झुकाकर और लगातार निगरानी में रखते हुए, ब्रश को अंततः मुंह के रास्ते मैन्युअली बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया में लगभग 45 मिनट लगे और सुबह 5:00 बजे तक यह सफलतापूर्वक पूर्ण हुई। मरीज को उसी दिन बाद में स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


