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नुक्कड़ नाटक से बताया ढोंगी बाबा का सच
अंधविश्वास के प्रति जागरूक किया विद्यार्थियों ने
इंदौर. इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस द्वारा महू के ग्राम हरसोला में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस जागरूकता शिविर में करीब 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया.
आईपीएस एकेडमी की प्राचार्य डॉ प्रेमलता गुप्ता एवं सी एस आई आर के प्रभारी जे एस. राणा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज की ज्वलंत समस्याओं हेतु जागरूकता फैलाने का प्रयास किया. विद्यार्थियों ने ‘अंधविश्वासÓ के प्रति जागरूकता नुक्कड़ नाटक में प्रदर्शित किया कि किस प्रकार ढोंगी बाबाओं ने निजी स्वार्थ के लिए अंधविश्वास के माध्यम से भय का माहौल फैलाये रखा है.
यहाँ ये भी बताया गया कि किस प्रकार से छींक आना मात्र एक शारीरिक क्रिया है. बिल्ली का रास्ता काट जान मात्र एक संयोग. इन सबका शुभ- अशुभ से कोई लेना देना नहीं है. विद्यार्थियों ने ग्रामीणजनों को बताया कि किस प्रकार विगत दिनों अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर दिल्ली के एक परिवार के 11 सदस्यों ने अपनी जान से हाथ धो लिया.
एक अन्य नुक्कड़ नाटक में विध्द्यार्थियो ने सामाज की सबसे बड़ी समस्या छू-अछूत पर गाँव ग्रामीण जनो को जागरूक किया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने गाँव वालों को मानव तस्करी, बाल मजदूरी कन्या भ्रूण हत्या जैसे ज्वलंत मुद्दों की और ध्यान अकार्षित किया.
स्व-व्यवसाय के लिए मार्गदर्शन दियाशिविर में केमेस्ट्री विभाग के विद्यार्थियों ने गांव की वंचित बस्तियो में जाकर ‘सीखो एवं सिखाओÓ योजना के अंतर्गत लोगों को स्वव्यवसाय के लिए मार्गदर्शन दिए, जिसमें उन्होंने ग्रामीणजनों को प्राकृतिक चींजों के प्रयोग से मच्छर मारने की दवाये बनाने का प्रक्षिशण दिया।
इस दौरान ग्रामीण जनो को प्राकर्तिक चीजों के प्रयोग से कम खर्च में साबुन, दर्द निवारक बाम, नीलगिरि का तेल एवं नेप्थलीन की गोलियां बनाने का प्रक्षिशण भी दिया.


