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मध्यप्रदेश का यह बजट स्वास्थ्य और आयुष चिकित्सा क्षेत्र को मजबूती देगा
मप्र का वर्ष 2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ का बजट पेश
बजट में स्वास्थ्य के लिए 23 हजार 533 करोड़ का प्रावधान
इंदौर। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार का दूसरा पूर्ण बजट बुधवार को पेश हो गया। वर्ष 2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट सरकार ने पेश किया है। इस बजट में प्रदेश के युवाओं, महिलाओं से लेकर उद्यमियों के साथ ही स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष के साथ साथ पयर्टन के क्षेत्र को भी बढ़ाने के लिए हजारों करोड़ रुपए का प्रावधान सरकार द्वारा बजट में किया गया है।
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक और सीसीआरएच, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने इस बजट को प्रदेश की जनता के लिए लाभकारी बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट स्वास्थ्य और आयुष चिकित्सा एवं शिक्षा को नई दिशा देने वाला साबित होगा। इस बार के बजट में स्वास्थ्य के लिए 23 हजार 533 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वहीं प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में पीजी की 255 और एमबीबीएस की 400 सीटें बढ़ाने की बात कही गई है जिससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। तो 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी खोले जाएंगे जिससे आयुष चिकित्सा को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं आयुष के क्षेत्र में आयुष चिकित्सालय और औषधालय के अंतर्गत 513 करोड़, आयुष महाविद्यालय के अंतर्गत 185 करोड़, राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 156 करोड़ और होम्योपैथिक औषधालय के अंतर्गत 71 करोड़ का प्रावधान भी इस बार के बजट में किया है। जो कि स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को काफी आगे लेकर जाएगा। इसका फायदा युवाओं के साथ ही जनता को भी मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, जिला/सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान भारत योजना के तहत विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत करने के लिए भी सरकार ने पर्याप्त बजट का आवंटन किया है। यह बजट न केवल चिकित्सा शिक्षा को बल्कि आयुष को भी सशक्त बनाएगा जिससे प्रदेश की जनता को भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य – आयुष चिकित्सा सेवा प्रदान हो सकेगी


