- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
मैरिज हॉल से बैग चुराने वाले तीन गिरफ्तार
आरोपियों में एक नाबालिग भी, 1 लाख 30 हजार के सोने के जेवरात बरामद
इंदौर. मैरिज हॉल से जेवरात और नगदी से भरा बैग चुराने वाले तीन आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों में 17 वर्षीय किशोर नाबालिग भी शामिल है. इनसे करीबन 1 लाख 30 हजार रू के सोने के जेवरात बरामद किए है. यह बैग उन्होंने चंदननगर के दस्तूर मैरिज गार्डन से चुराए थे. इसमें सोने के अलावा नगदी भी थी बैग में.
क्राईम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लॉकडाउन के बाद स्वर्ण व्यापारियों की दुकानें खुल जाने से कुछ संदिग्ध लोग सोने के जेवरात लेकर बेचने की फिराक में घूम रहे हैं. ये चोरी का माल होने की संभावना है. सूचना पर क्राइम ब्रांच ने 3 संदेहियों को पकड़ा. नाम पूछने पर उन्होंनें अपने नाम रवि पिता कन्हैया लाल बैरागी (27) निवासी नागिन नगर, गोविंद सिंह सलूजा पिता उजागर सिंह (20) निवासी चंदननगर बताया. एक किशोर नाबालिग है.
आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से सोने के कान के झुमके, मंगलसूत्र, बरामद हुए. इनके संबंध में सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने उपरोक्त जेवरात चंदननगर थाना क्षेत्र के दस्तूर मैरिज हॉल से चोरी करना बताया.
उन्होंनें खुलासा किया माह फरवरी में दस्तूर हॉल में विवाह कार्यक्रम होने से वह लोग पहले रैकी करते रहे उसके बाद भीड़भाड़ होने पर मैरिज हॉल में घुसकर एक बैग चोरी कर भाग गये थे. इसमें सोने के जेवरात और 20 हजार नगदी के अलावा कुछ पैसों के लिफाफे भी थे. पुलिस टीम ने आरोपियों से करीबन 26 ग्राम सोना बरामद कर थाना चंदननगर पुलिस के सुपुर्द किया.
लॉकडाउन के कारण नहीं बेच पाए
आरोपियों ने बताया कि उस समय चोरी का माल छुपा दिया था. बाद में बेचकर हिस्सा बांटने की बात हुई थी किंतु लॉकडाउन में सराफा बंद होने से बेच नहीं सके. उसके बाद आरोपी रवि पिता कन्हैया अन्य वारदात के चलते थाना एरोडम के मामले में जेल चला गया था. माल उसी के कब्जे में था इसलिये हिस्सा नहीं बांट सके. फिर जब वह जेल से बाहर आया तो उसके परिजनों ने उसे नशा मुक्ति केन्द्र भेज दिया इसलिये कुछ और दिनों तक हिस्सा बांटने की बात टल गई. अभी चोरी का सोना बेचने की जुगत में निकले थे जोकि क्राईम ब्रांच की गिरफ्त में आ गये.


