- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
हनी ट्रैप के दो और आरोपियों को मिली जमानत
भोपाल में केस दर्ज होने से बाहर नहीं आ पाएंगे
इंदौर. प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले में दो और आरोपियों को जमानत मिल गई. इंदौर हाईकोर्ट से आरोपी आरती दयाल और अभिषेक को भी जमानत मिल गई है, लेकिन भोपाल के मामले में दोनों ही आरोपी विचाराधीन हैं. इस कारण वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे. दोनों ने कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी. इस पर शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई.
उल्लेखनीय है कि मामले में 2 माह पहले श्वेता विजय जैन व श्वेता स्वप्निल जैन को जमानत मिली थी, लेकिन श्वेता विजय जैन में भोपाल के अंदर मानव तस्करी मामला विचाराधीन होने से वह बाहर नहीं आ पाई थी. मामले में आरती और अभिषेक पर लड़कियों को झांसा देकर फंसाने और रैकेट में शामिल करने का आरोप लगा है. आरती के वकील के अनुसार जेल में बंद सभी महिला आरोपियों सहित अभिषेक को इंदौर केस में जमानत मिल गई है. आरोपियों ने यह कहते हुए हाई कोर्ट में जमानत याचिकाएं प्रस्तुत की थी कि केस के फैसले में लंबा समय लगने की आशंका है. पुलिस इस मामले में जांच पूरी कर चुकी है. गौरतलब है कि इंदौर पलासिया थाने में हनीट्रैप मामले में एफआइआर दर्ज हुई थी. दोनों आरोपित लगभग दो साल से जेल में बंद है.
कौन है आरती दयाल
2 वर्ष पहले इंदौर में गिरफ्तारी के दौरान सामने आए दस्तावेजों में आरती के पति का नाम पंकज दयाल बताया गया था, लेकिन दावा यह किया जा रहा था कि आरती ने फरीदाबाद (हरियाणा) के एलजीएम नगर में रहने वाले अनिल वर्मा के साथ शादी की थी। संबंध बिगड़ने पर आरती ने छतरपुर न्यायालय और कुटुंब न्यायालय में अनिल वर्मा, उसके पिता और मां के खिलाफ मार्च 2014 में प्रकरण दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। इसके बाद आरती ने अनिल को छोड़ दिया। 2017 में वह छतरपुर के ही देरी रोड पर रहने वाले पंकज दयाल के संपर्क में आई। दोनों बगैर शादी किए ही लिव इन में रहने लगे थे।
यह है मामला
क्राइम ब्रांच ने भोपाल से तीन और इंदौर से दो महिलाओं समेत ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। आरोपी महिलाओं ने इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को हनी ट्रैप में फंसाकर वीडियो के जरिए तीन करोड़ रुपए की मांग की थी। पलासिया थाने में सभी आरोपी आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी भटनागर और ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।


