- 'मुसाफिर हूं यारों' से 'कोई कहे कहता रहे' तक, डॉक्टरों ने बिखेरे संगीत के रंग
- Raj Kundra Talks About the Unfortunate Resets Happening in his Court Proceedings Due to Judicial Transfers: Every time my case reaches the stage of a final hearing..
- Diksha Singh has joined The Body Shop brand as the new rebellion.
- Aayush Sharma Shoots for His Next Action-Packed Film in Varanasi; Spotted at the Iconic Ghats with His Mother
- MIT-WPU के शोधकर्ताओं ने सोलर थर्मल बैटरी विकसित की; सूर्यास्त के बाद भी गर्म पानी रहेगा उपलब्ध
उदित नारायण और अल्का याग्निक ने स्व. रफी साहब के साथ अपनी पहली यादों के बारे में बताया!
पिछले सात सफल सीजंस से बाल गायकों की मधुर आवाजों और धमाकेदार परफॉर्मेंस के साथ रियलिटी टेलीविजन पर राज करने के बाद ज़ी टीवी का पॉपुलर सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा लिटिल चैंप्स अब सीजन 8 के साथ लौट आया है। नए सीजन में जहां बाॅलीवुड प्लेबैक की गोल्डन तिकड़ी – अल्का याग्निक, उदित नारायण और कुमार सानू जजों के रूप में नजर आ रही है, वहीं पॉपुलर एंकर मनीष पॉल इस शो को होस्ट कर रहे हैं। प्रतिभागियो के टैलेंट, जजों की जुगलबंदी और मनीष की कॉमिंग टाइमिंग के साथ दर्शकों को इस पूरे सीजन के दौरान मजेदार वीकेंड्स देखने को मिलेंगे।
आगामी होली स्पेशल एपिसोड में दर्शकों को ढेर सारी मस्ती करने के साथ ही गुजरी यादों में लौटने का मौका भी मिलेगा। इस दौरान एक प्रतिभागी, जो मोहम्मद रफी का बड़ा फैन है, से बात करते हुए अल्का याग्निक ने अपनी एक दिल छू लेने वाली कहानी बताई, जब वो बचपन में रफी जी से मिली थीं।
इस खूबसूरत सिंगर ने बताया, ‘‘मुझे याद है जब मैं रफी जी के घर गई थी। उस समय मैं स्कूल में पढ़ती थी। तब उन्होंने मुझसे पूछा था कि क्या मुझे उनके गाने पता है, और मैंने इस पर हां कहा था। तब उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे उनका कौन-सा गाना सबसे ज्यादा पसंद है। उन्होंने हारमोनियम पर मेरे लिए ‘आज मौसम बड़ा बेईमान है‘ गाना भी बजाया। वो खास याद हमेशा के लिए मेरी जहन में समा गई।‘‘
उदित नारायण ने भी अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्हें 1980 में पहला ब्रेक मिला था, जिसमें उन्हें मोहम्मद रफी के साथ गाने का मौका मिला था। उदित नारायण बताते हैं, ‘‘मेरे शुरुआती साल संघर्ष भरे थे। रेडियो नेपाल के लिए एक मैथिली लोक गायक के रूप में अपना करियर शुरू करने से लेकर रफी साहब के साथ अपना बड़ा ब्रेक मिलने तक, मेरे लिए यह सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। लेकिन मैं इस सफर में हुए अनुभव का शुक्रगुजार हूं जिसने मुझे आज यह सिंगर बनाया।
हमें भी यकीन है कि इस शो के फैंस इन दोनों सिंगर की कहानियां सुनकर प्रेरित होंगे। ऐसे में मोहम्मद रफी से ना मिल पाने का अफसोस कुमार सानू के चेहरे पर साफ जाहिर हो रहा था। लेकिन हमें यकीन है कि रफी जी को भी कुमार सानू के इम्प्रेसिव संगीत करियर पर उसी तरह गर्व हुआ होगा जिस तरह हमें उन पर नाज है।


