- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
कौन होगा शैतान का अगला शिकार?
एण्डटीवी के ‘येशु’ में एक बेहद ही उदार बच्चे की कहानी दिखायी गयी है जो केवल अच्छा कर्म करना चाहता है और अपने आस-पास खुशियां फैलाना चाहता है। इसके पिछले एपिसोड्स में दर्शकों ने देखा, मेरी (सोनाली निकम) और जोसेफ (आर्या धर्मचंद) को बेटा होता है, जिसका नाम है येशु (विवान शाह)। हालांकि, येशु के जन्म के साथ ही राजा हेरोड (दर्पण श्रीवास्तव) की दुनिया हिल जाती है, जब उसे पता चलता है कि येशु उसके लिये खतरा हो सकता है।
अब सात साल बीत चुके हैं, येशु अपने परिवार के साथ राजा हेरोड और उसके अत्याचारों से दूर एक छोटे से गांव में रहता है। वैसे, देवदूत (गिरिराज काबरा) मेरी को भरोसा दिलाते हैं कि यदि येशु अपनी चमत्कारिक शक्तियां इस्तेमाल नहीं करेगा और दूसरों की तकलीफ दूर नहीं करेगा, तो वह सुरक्षित रहेगा। वहीं, दूसरी तरफ शैतान (अंकित अरोड़ा) इस बात से निराश होता है कि उसे येशु की चमत्कारिक शक्तियां देखने को नहीं मिली। इसी बीच, हमें हेरोड एंटिपस (रुद्र सोनी) और उसके आस-पास रहने वाली काली शक्ति, शैतान की एंट्री देखने को मिली।
वहीं दूसरी तरफ, सिमोन, जेम्स के प्रभाव में आकर येशु को सबक सिखाने के लिये एक गड्ढा खुदवाता है। येशु कंटीली झाड़ियों से सही-सलामत बाहर निकाल आता है। उसकी हथेलियां छिल जाती है। मेरी को येशु के सूली पर चढ़ाये जाने की एक धुंधली-सी झलक नज़र आती है। येशु के जख्म साफ करने के बाद मेरी उसे नहलाती है। परिवार के बच्चे जीवन के साथ बैठकर खाना खा रहे होते हैं,जिसने येशु को अपमानित किया था। देवदूत को यह डर सताता है कि वह शैतान का आसान शिकार बन सकता है।
क्या वाकई उसका यह डर सच साबित हो जाता है? क्या शैतान को येशु का ठिकाना मिल जाता है? आगामी एपिसोड के बारे में बताते हुए जोसेफ (आर्या धर्मचंद) कहते हैं, ‘‘येशु, शैतान और राजा हेरोड की शैतानी नज़रों से दूर अपने परिवार के साथ रह रहा है। इसके बावजूद उसकी जान खतरे में है। शैतान रास्ता ढूंढ रहा है और येशु तक पहुंचने के तरीकों का पता लगा रहा है। देवदूत द्वारा बतायी बातों को ध्यान में रखकर मेरी सारी सावधानियां बरत रही हैं। वह येशु का पूरा ध्यान रख रही है ताकि उस पर कोई आंच ना आये और वह हर परेशानी से दूर रहे। वह जोसेफ के साथ कब तक उसे शैतान से बचा कर रख पायेगी।’’


