- नई अनुमति और संशोधित पार्किंग लेआउट के साथ जारी रहेगा ‘ढोली तारा 5.0’, सुरक्षा व सुविधाओं पर विशेष जोर
- “I Feel Really Proud to Be Part of Something That Could Make a Difference to India”: Varun Dhawan on His Investment in Better Nutrition
- Mrunal Thakur gets roped in as the brand ambassador for NuHome!
- Heists, High-Speed Chases, Unbreakable Friendships, and a Criminal Startup: Prime Video Unveils the Trailer of Chaar Yaar, an Exciting Crime Drama Set in Mumbai in the Early 2000s
- Kon Yashwant Pansare? Review: An Engaging Marathi Courtroom Drama Elevated by Strong Performances
आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जनजागरण का अभियान चलाएंगे
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुषविश्वविद्यालय गोरख पुर उत्तर प्रदेश के कुलपति प्रो. ए के सिंह का स्वागत सम्मान
विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में श्री मति कमला बेन राव जी भाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कालेज इंदौर संस्था द्वारा, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुषविश्वविद्यालय गोरख पुर उत्तर प्रदेश के कुलपति प्रो. ए के सिंह का स्वागत सम्मान प्राचार्य डॉ एसपी सिंह, चेयर मैन भरत भाई बावीसी द्वारा किया गया।
शिक्षकों के प्रतिनिधि के रूप में डॉ राजेश बोर्डिया, डॉ ए के द्विवेदी, डॉ मुकेश अग्रवाल ने कुलपति महोदय का सम्मान किया । डॉ सिंह, भारत की प्रथम आयुष यूनिवर्सिटी के प्रथम कुलपति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाये गए हैं।

आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह ने संस्थान में होमियोपैथी के चिकित्सा छात्रों एवम स्टाफ को सम्बोधित करते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जनजागरण का अभियान चलाएंगे। साथ ही आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के क्षेत्र में हर उस संभावना पर ध्यान दिया जाएगा जिस पर शोध व अनुसंधान से समाज को हानिरहित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कोरोना जैसी बीमारी के वक्त हितैषियों की पहचान हुई। कोरोना काल में लोगों ने आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा पर भरोसा जताया और उससे लाभ प्राप्त कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाई, आयुष चिकित्सा एक सुलभ चिकित्सा के रूप में जन जन तक पहुचीं। अब आयुर्वेद तथा होम्योपैथी के छात्रों की जिम्मेदारी है कि वह रिसर्च और अनुसंधान के जरिए विश्व में आयुर्वेद – होम्योपैथी से जुड़ी उम्मीदों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व महर्षि चरक ने आयुर्वेद के विषय में जो शोध किए, उसे आज विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाया जा रहा है।
आपने कहा कि आगे आने वाला समय आयुष के लिए स्वर्णिम समय होगा बशर्ते आयुष के छात्र दिवा स्वप्न नहीं देखते हुए आयुष में शोध को बढ़ावा दें।प्रमाणिकता के आधार पर उसको प्रस्तुत करें।
आपने यह भी कहा कि आयुष के सभी शिक्षकों को साल दो अनुशंधान पेपर तथा दो प्रेजेंटेशन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में होना ही चाहिए।
उक्त अवसर पर कुलपति महोदय द्वारा डॉ ए के द्विवेदी द्वारा संग्रहित कोविड संक्रमण से ग्रस्त लोंगों की भावनाओं की अभिव्यक्ति नामक पुस्तक ,एवम होमियोपैथी के चिकित्सक डॉ जे सी क्रॉम्पटन बर्नेट के चित्र का विमोचन एवम अनावरण किया ।आभार डॉ कुशल परीख द्वारा किया गया ।


