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मुख्यमंत्री ने बजाई घंटी, शहर के बॉण्ड एनएसई में दर्ज
इन्दौर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज मुम्बई एनएसई एक्सचेंज में इंदौर नगर निगम के बॉण्ड को अधिकृत रूप से दर्ज कराया. इसके लिए परम्परागत रूप से बेल सेरेमनी की गई और घंटी बजाकर शुभारम्भ किया गया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री महापौर श्रीमती मालिनी गौड, नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल, एनएसई के एमडी विक्रम लिमये व निगम आयुक्त आशीष सिंह उपस्थिति में थे.
आज मुंबई एनएसई एक्सचेेंज में इंदौर नगर निगम के बांड अधिकृत रूप से दर्ज किये गये. उल्लेखनीय है कि इंदौर नगर निगम प्रदेश का पहला और देश का तीसरा ऐसा निकाय है जिसने एनएसई के माध्यम से बांड जारी किये गये. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान, महापौर श्रीमती लक्ष्मणसिंह गौड और नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल ने संबोधित भी किया गया. इस मौके पर निगम आयुक्त श्री आशीष सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नगर निगम इंदौर द्वारा अमृत योजना के तहत विकास कार्यो हेतु नागरिको की आर्थिक जनभागीदारी करने हेतु बांड जारी किये जाने पर मैं महापौर श्रीमती गौड, प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल, आयुक्त श्री सिंह व निगम की टीम को बधाई देता हूूं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पूर्व में एक बीमारू राज्य था, किंतु मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यों से आज देश में मध्य प्रदेश विकसित राज्यो में जाना जाता है. प्रदेश में विकास के साथ-साथ ही पर्यावरण संरक्षण हेतु 15 जुलाई से 15 अगस्त तक प्रदेश में 8 करोड से अधिक पौधारोपण का कार्य किया जाएगा.
सतत प्रयास की दिशा मेे म्युनिसिपल बांड
महापौर श्रीमती गौड़ ने कहा कि मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर एज्युकेशन, मेडिकल, आईटी और इंण्डस्टीयल हब बन चुका है. बढते शहर की अपेक्षाओ की पूर्ति के लिये विश्वस्तरीय इन्फ्रास्टक्चर हो इसलिये बडे पैमाने पर विकास कार्य तीव्रगति से करना होंगे. पारम्परिक आय के स्त्रोत के साथ-साथ इनोवेटिव एवं कार्पोरेट फंडिंग के लिए सतत इनोवेटिव एवं कापोरेटफंडिंग के लिए सतत प्रयास की दिशा मेे म्युनिसिपल बांड लाया गया. इंदौर नगर निगम प्रतिवर्ष लगभग 200 करोड रूपये का विद्युत बिल अदा कर रहा है. इंदौर पेयजल परियोजना की जगह पर सोलर एनर्जी के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के लिये भविष्य में ग्रीन बांड लाने की योजना हम बना रहे है.
कार्यक्रम में महापौर श्रीमती गौड़ ने कहा कि मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर एज्युकेशन, मेडिकल, आईटी और इंण्डस्टीयल हब बन चुका है. बढते शहर की अपेक्षाओ की पूर्ति के लिये विश्वस्तरीय इन्फ्रास्टक्चर हो इसलिये बडे पैमाने पर विकास कार्य तीव्रगति से करना होंगे. पारम्परिक आय के स्त्रोत के साथ-साथ इनोवेटिव एवं कार्पोरेट फंडिंग के लिए सतत इनोवेटिव एवं कापोरेटफंडिंग के लिए सतत प्रयास की दिशा मेे म्युनिसिपल बांड लाया गया. स्मार्ट सिटी परियोजना में इंदौर तीव्र गति से कार्य कर रहा है. आज का दिन इंदौर के लिए गौरव का दिन है, नेशलन स्टॉक एक्सचेंज के प्लेटफार्म पर आईएमसी बांड की टेडिंग शुरू की जा रही है, मैं पूरे इंदौर शहर की ओर से यह आवश्वास्त भी करती हूॅ एवं वादा भी करती हॅू कि हमारे इन्वेस्टर्स को अपने इन्वेस्टमेंट का अधिक से अधिक प्रतिसाद मिले इसलिय हम लगातार काम करते रहेगे.
ग्रीन बांड जारी करेंगे: अग्रवाल
प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कहा कि निगम द्वारा जारी बांड की तर्ज पर ही नर्मदा से लाये जा रहे पानी पर बिजली के स्थान पर पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से सोलर उर्जा से संचालन के लिये सोलर प्लांट लगाने हेतु ग्रीन बांड जारी किये जावेगे। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य शहर जैसे कि भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर द्वारा भी विकास कार्यो हेतु बांड जारी किये जावेगे, साथ ही प्रदेश की डेव्लपमेंट अथॉरिटी भी विकास कार्यो हेतु बांड की संभावना पर विचार किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि अमृत योजना हेतु कुल 972.26 करोड राषि मेे से भारत सरकार द्वारा 324.05 करोड, राज्य सरकार द्वारा 486.13 करोड एवं शेष 162.08 करोड रूपये नगर निगम इंदौर द्वारा अंषदान किया जाना है। अनुभव बताते है, कि नगरीय निकायों के अंषदान के अभाव में अद्योसंरचना की विकास योजनाऐं अधूरी रह जाती है.


