- One ride 2026: final call to ride for the snow leopard
- वन राईड 2026: स्नो लेपर्ड के लिए राईड करने का अंतिम मौका
- AU Small Finance Bank appoints Anil Agarwal as Senior Executive Group Head – Commercial & Institutional Banking and Amol Padhye as Chief Risk Officer
- राघव जुयाल की एनर्जी ने ‘द पैराडाइज’ में उनके किरदार को ही बदल डाला
- Sun Neo announces ‘Jaan-e-Wafa’: Where destiny brings two hearts together, but identity, marriage and family expectations stand in their way.
शीघ्र शुरू होगा सरस्वती नदी के सौंदर्यीकरण का कार्य
इन्दौर. इन्दौर शहर की नदियों के संरक्षण के लिये किये जाने वाले कार्यों के संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के परिप्रेक्ष्य में गठित समिति की बैठक आज कलेक्टर निशान्त वरवड़े की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. बैठक में अपर कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता, नगर निगम आयुक्त मनीष सिंह, इन्दौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौतम सिंह, किशोर कोडवानी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
बैठक में इन्दौर शहर में नदियों के संरक्षण के लिये किये जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक में तय किया गया कि इन्दौर की सरस्वती नदी के गहरीकरण, साफ-सफाई, वृक्षारोपण तथा सौंदर्यीकरण का कार्य शीघ्र किया जायेगा. इसके लिये विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा समन्वित कार्ययोजना बनाई जायेगी। बैठक में बताया गया कि सरस्वती नदी में गाद निकालकर उसके गहरीकरण करने, वृक्षारोपण तथा सौंदर्यीकरण का कार्य 18 किमी तक लम्बाई में किया जायेगा. यह कार्य पीपल्यापाला के आगे से शुरू होगा. इस कार्य के लिये विभिन्न विभागों जैसे नगर निगम, इन्दौर विकास प्राधिकरण, जल संसाधन, वन विभाग, टीएनसीपी आदि विभागों को जवाबदारी सौंपी गई है. कलेक्टर श्री वरवड़े ने निर्देश दिये हैं कि उक्त सभी विभाग शीघ्र ही समन्वित कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ करें.
नहीं मिलेगी नए निर्माण की अनुमति
बैठख में बताया गया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में नदी संरक्षण के कार्यों के लिये नाबार्ड की वित्तीय मदद भी ली जायेगी. जिले में नदियों का सीमांकन करा लिया गया है. बैठक में तय किया गया कि नदी की सीमा में आने वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह के नये निर्माण की अनुमति नहीं दी जायेगी. नदी के आसपास तथा शहर में बने सभी मैरिज गार्डनों को सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा विभिन्न मापदण्डों की पूर्ति करना होगी.
समय सीमा का पालन हो
बैठक में निर्देश दिये गये कि सरस्वती नदी के संरक्षण का कार्य चरणवार पूरा किया जाए नदी में आउटफाल आक्साइडेशन के कार्य भी कराया जाये. सफाई पूर्व और सफाई के पश्चात वाटर सेम्पलिंग भी कराई जायेगी. कार्य की मॉनीटरिंग व कार्यवाही लेखन के लिये ओआइसी तथा सचिव की नियुक्ति हो गई है. कराये जाने वाले कार्य की नियमित समीक्षा की जायेगी. कार्य को पूर्ण करने के लिये समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिये गये. कलेक्टर ने निर्देश दिये कि समयसीमा का पालन किया जाये.


