- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
असंगठित महिलाओं ने सीखा डिजिटल पद्धति से बैंकों से लेनदेन का तरीका
संस्था ‘सेवा’ के कार्यक्रम में संयुक्त संभागायुक्त चेतना फौजदार ने बांटे डिजिटल किट्स
इंदौर. असंगठित क्षेत्र की श्रमजीवी कामगार महिलाओं को ‘सेवा’ एवं निजी फायनेंस कंपनी के सहयोग से डिजिटल सखी कार्यक्रम के अंतर्गत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पर आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता एवं डिजिटल पेमेंट का प्रशिक्षण दे कर जागरूक किया गया.
पहले चरण में संभाग के दो जिलों के दस-दस गांवों की 100 महिलाओं को इंदौर की संयुक्त संभागायुक्त श्रीमती चेतना फोजदार के आतिथ्य में यह प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम कें सेवा म.प्र. की संस्थापक मनोरमा जोशी एवं महामंत्री शीखा जोशी भी विशेष रूप से उपस्थित रही।
कार्यक्रम में सभी महिलाओं को डिजिटल किट के साथ टेबलेट, डायरी एवं पेन का वितरण भी किया गया ताकि ये महिलाएं इन 20 गांवों में पहुंच कर स्वयं भी डिजिटल सेवाएं अपना सके और गांव की अन्य महिलाओं को भी जागरूक बना सके। इन 20 गांवों में असंगठित क्षेत्र की करीब 50 हजार महिलाएं अब इनसे प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी ।
राज्य में 15 जिलों में असंगठित क्षेत्र की श्रमजीवी महिलाओं की संख्या लगभग 5 लाख से अधिक है। राज्य शासन ने इन महिलाओं को डिजिटल सखी का संबोधन देते हुए प्रशिक्षण की योजना तैयार की है। पहले चरण में बड़वानी और धार जिलों की महिलाओं को इंदौर बुला कर यह प्रशिक्षण दिया गया है।
मुख्य अतिथि श्रीमती चेतना फौजदार ने संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल वित्तिय साक्षरता से समाज में निश्चित ही बदलाव आएगा और आदिवासी अंचलों की महिलाएं भी मुख्यधारा से जुड़ सकेगी.


