- जल संरक्षण पर डॉ. ए.के. द्विवेदी के सुझावों की मंत्री तुलसी सिलावट ने की सराहना, अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के दिए निर्देश
- Raj Kundra on the Ongoing Pornography Case: I am ready to give up my life if I am found guilty
- पुरी रथ यात्रा से पहले एयरटेल ने पूरे ओडिशा में अपने नेटवर्क को और मजबूत किया
- A Menstrual Hygiene Initiative Fueled Manushi Chhillar's Win for Miss India 2017 Crown
- जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने एमजी एडाप्ट का किया अनावरण
असंगठित महिलाओं ने सीखा डिजिटल पद्धति से बैंकों से लेनदेन का तरीका
संस्था ‘सेवा’ के कार्यक्रम में संयुक्त संभागायुक्त चेतना फौजदार ने बांटे डिजिटल किट्स
इंदौर. असंगठित क्षेत्र की श्रमजीवी कामगार महिलाओं को ‘सेवा’ एवं निजी फायनेंस कंपनी के सहयोग से डिजिटल सखी कार्यक्रम के अंतर्गत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पर आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता एवं डिजिटल पेमेंट का प्रशिक्षण दे कर जागरूक किया गया.
पहले चरण में संभाग के दो जिलों के दस-दस गांवों की 100 महिलाओं को इंदौर की संयुक्त संभागायुक्त श्रीमती चेतना फोजदार के आतिथ्य में यह प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम कें सेवा म.प्र. की संस्थापक मनोरमा जोशी एवं महामंत्री शीखा जोशी भी विशेष रूप से उपस्थित रही।
कार्यक्रम में सभी महिलाओं को डिजिटल किट के साथ टेबलेट, डायरी एवं पेन का वितरण भी किया गया ताकि ये महिलाएं इन 20 गांवों में पहुंच कर स्वयं भी डिजिटल सेवाएं अपना सके और गांव की अन्य महिलाओं को भी जागरूक बना सके। इन 20 गांवों में असंगठित क्षेत्र की करीब 50 हजार महिलाएं अब इनसे प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी ।
राज्य में 15 जिलों में असंगठित क्षेत्र की श्रमजीवी महिलाओं की संख्या लगभग 5 लाख से अधिक है। राज्य शासन ने इन महिलाओं को डिजिटल सखी का संबोधन देते हुए प्रशिक्षण की योजना तैयार की है। पहले चरण में बड़वानी और धार जिलों की महिलाओं को इंदौर बुला कर यह प्रशिक्षण दिया गया है।
मुख्य अतिथि श्रीमती चेतना फौजदार ने संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल वित्तिय साक्षरता से समाज में निश्चित ही बदलाव आएगा और आदिवासी अंचलों की महिलाएं भी मुख्यधारा से जुड़ सकेगी.


