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आयशर ट्रक्स और बसेस ने ड्राइवरों के लिए की आयशर एकेडमी की शुरुआत
इंदौर. ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत प्रगति कर रहा है और विश्व में जर्मनी को पीछे करते हुए चौथे स्थान पर आ गया था. यह प्रगति दिखाती है भविष्य में ट्रकों की संख्या बढऩे वाली है. वहीं टेक्नोलॉजी भी बढ़ रही है तो जिससे ट्रक भी महंगे हो रहे हैं इसलिए कंपनी या ट्रक मालिकों को स्किल्ड और प्रोफेशनल ड्रायवर्स की जरूरत है. इससे इस प्रोफेशन की वैल्यू बढऩे वाली है और इसे अच्छे प्रोफेशन माना जाएगा.
यह कहना है वीई कमर्शियल व्हीकल आफ्टरमार्केट के वाइस प्रेसिडेंट जे. पी. वर्मा का. वे आईटीआई में स्थित ड्रायवरों की ट्रेनिंग एकेडमी के उद्घाटन अवसर पर चर्चा कर रहे थे. ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, श्रम तथा स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक जोशी ने किया. इस अवसर पर आयशर ग्रुप फाउंडेशन के डायरेक्टर जी. सेकर भी उपस्थित थे. ड्राइवरों वर्ग के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने की दिशा में प्रयास करते हुए आयशर ग्रुप की सीएसआर शाखा, आयशर ग्रुप फाउंडेशन ने इंदौर में ड्राइवरों के लिए अपनी तरह की पहली और अनूठी आयशर एकेडमी शुरू की है. अपनी तरह की अनूठी इस पहल को इसलिए लॉन्च किया गया है ताकि कमर्शियल व्हीकल चलाने वाले ड्राइवरों को उच्च गुणवत्ता वाली प्री लायसेंसिंग ट्रेनिंग प्रदान की जा सके. श्री वर्मा ने बताया कि भविष्य में बी 6 टेक्नोलॉजी आएगी तो ट्रक और आधुनिक होंगे. इसमेें महिला ड्रायवर्स भी आएंगी. वर्तमान में तो विदेशों में कई महिला ड्रायवर है. इससे इस प्रोफेशन की स्वीकार्यता बढ़ेगी. एक अच्छे ड्रावयर का वेतन भी 15 से 20 हजार रुपए तक होता है. आज सोच बदल रही है क्योंकि इसमें अब ट्रकों के मालिक व्यक्तिगत लोग नहीं बल्कि लॉजिस्टिक कपंनियां भी है. अच्छे ड्रायवर की वजह से उनकी ट्रकों की भी लाइफ और बचत भी बढ़ेगी.
स्किल्ड ड्रावयर की कमी को पूरा करेंगे
चर्चा करते हुए श्री सेकर ने बताया कि मोटर उद्योग को वर्तमान में कुशल ड्राइवरों की कमी का बहुत सामना करना पड़ता है. आयशर ड्राइवर एकेडमी एक ऐसे प्रभावी कार्यक्रम के लिए किया गया प्रयास है जो कि न केवल ड्राइवरों को आवश्यक स्किल्स के बारे में सिखाकर इस उद्योग में होने वाली कमी को पूरा करेगा बल्कि ड्राइवरों की उत्पादन क्षमता और उनकी धारण करने की शक्ति में भी बढ़ोत्तरी करेगा.
गुजरना होगा कठिन सेशंस से
यह एकेडमी वर्तमान ड्राइवरों के साथ ही इस क्षेत्र में नए कदम रखने वाले ड्राइवरों के लिए भी वाहनों को सीखने और उनका प्रशिक्षण लेने तथा सुरक्षित प्रैक्टिस के अवसर प्रदान करेगी. डीबी (ड्युअल ब्लेड) स्किल्स इस कार्यक्रम के प्रभावी अमल और निगरानी का काम करेंगी. एकेडमी, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर-मल्टीमीडिया समर्थित क्लासरूम, ड्राइविंग की प्रैक्टिस के लिए एक टेस्ट ट्रैक, सड़क के हिसाब से आगे बढऩे के लिए एडवांस्ड सिम्युलेटर्स तथा मैकेनिकल शिक्षा के लिए टेक्निकल लैब से सुसज्जित है. प्रशिक्षण लेने वालों को कठिन सेशंस से गुजरना होगा. फाइनल सर्टिफिकेट और मान्यता एडीएससी द्वारा प्रदान की जाएगी.


