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बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट में पीटा
इंदौर. राजबाड़ा के पास चार माह की मासूम अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म और क्रूर हत्या के आरोपी नवीन गड़के को शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया. इसके पहले जब पुलिस उसे कोर्ट लेकर पहुंची, यहां मौजूद वकील और अन्य लोगों ने आरोपी को जमकर पीटा. पुलिस ने जैसे-तैसे उसे बचाकर निकाला. दूसरी ओर वकीलों ने आरोपी की पैरवी करने से मना कर दिया है, इसके साथ ही पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए निशुल्क केस लडऩे का फैसला किया है. वहीं सामाजिक और राजनैतिक संगठनों ने भी घटना के प्रति आक्रोश जताया है और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
उल्लेखनीय है कि .राजबाड़ा के मुख्य गेट के पास शुक्रवार अल सुबह माता-पिता के बीच सो रही 4 माह की बच्ची को 25 वर्षीय एक युवक उठाकर श्रीनाथ पैलेस बिल्डिंग के बेसमेंट में ले गया. जहां उसके साथ दुष्कर्म किया फिर उसे ऊपर से फेंककर हत्या कर दी. घटनास्थल चौकी से सिर्फ 200 कदम दूर है फिर भी पुलिस को पता नहीं चला. देर रात युवक को गिरफ्तार कर लिया गया जिस युवक ने हैवानियत की वह बच्ची की मां का मौसा सुसर है. उसे उसकी पत्नी ने भगा दिया. उसी से समझौता कराने के लिए उसने गुरुवार रात बच्ची की मां से झगड़ा भी किया था. पुलिस ने उसे सिर्फ डंडे मारकर भगा दिया था. कुछ ही घंटे बाद बदला लेने के लिए आरोपी ने घटना को अंजाम दे दिया. बच्ची की मां सोनू पति सुनील ने बताया कि परिवार के साथ राजबाड़ा इलाके में ही गुब्बारे बेचने का काम करती है और वहीं सो जाती है. गुरुवार रात को परिवार के साथ राजबाड़ा के गेट के पास सो रहे थे। देर रात 3 से 3.30 बजे बच्ची के रोने पर उसे दूध पिलाया और पति और खुद के बीच सुला लिया था. उसका मौसा भी पास में सो रहा था। सुबह उठी तो बच्ची नहीं मिली। यहां-वहां तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में उसके साथ हुई घटना का पता चला। चार बच्चों में वह सबसे छोटी थी.
सीसीटीवी से पकड़ा
सराफा पुलिस के अनुसार राजबाड़ा पर जहां परिवार सो रहा था, वहां सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला उनके पास में ही सो रहा युवक तड़के 4.45 बजे बच्ची को साइकल पर ले जाते दिख रहा है. 15 मिनट बाद अकेला लौटता दिखा।
उसी आधार पर आरोपी की शिनाख्त करवाई गई और उसे गिरफ्तार किया गया.
कोर्ट परिसर में पीटा आरोपी को
वहीं मामले में आरोपी नवीन को शनिवार शाम करीब साढ़े 4 बजे पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट ने आरोपी को सोमवार तक पुलिस को रिमांड पर सौंप दिया. बता दें कि माह का तीसरा शनिवार होने से जिला अदालत में पूर्ण अवकाश था, लेकिन अर्जेंट केस के लिए एक न्यायाधीश यहां बैठते हैं. सुबह से सूने कोर्ट परिसर में जैसे ही वकील और लोगों को पता चला कि पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने ला रही है. कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. कुछ देर बात जैसे ही पुलिस आरोपी को भारी पुलिस बल के बीच कोर्ट लेकर पहुंची तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने आरोपी को जमकर पीटा. ऐसी दरिंदगी पर वकील इतने आक्रोशित दिखे कि वे कहते रहे ऐसे अपराधी को तो तत्काल फांसी पर चढ़ा देना चाहिएय भीड़ को देखते हुए और पुलिस बल बुलाया गया और आरोपी को बचाकर ले जाया गया.
आरोपी की पैरवी नहीं करेगा अभिभाषक संघ
इंदौर जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष दिनेश पाण्डे ने बताया कि 4 माह की बच्ची के साथ हुई हैवानियत समाज के लिए कलंक है। संघ ने यह तय किया है कि हम अपराधी की कोर्ट में पैरवी नहीं करेंगे। इसके अलावा हमने आरोपी को एक महीने के भीतर फांसी की सजा दिलाने के लिए पीडि़त पक्ष का नि:शुल्क केस लडऩे का निर्णय किया है।
कांग्रेस ने किया पुतला जलाया
घटना के विरोध में शनिवार सुबह कांग्रेस ने राजबाड़ा से पैदल मार्च निकालकर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं शाम को घटना के विरोधस्वरूप राजबाड़ा पर सीएम का पुतला फूंका. शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टण्डन ने बताया कि शहर में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार एवं छोटी बच्ची की हत्या एवं बलात्कार इस प्रकार के घिनौने कृत्य हो रहे हैं। राजबाड़ा की घटना ने तो आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने शनिवार सुबह कृष्णपुरा ब्रिज से लेकर राजबाडा तक पैदल मार्च किया और नारेबाजी करते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की.
कई संस्थाओं ने किया मौन प्रदर्शन
बच्ची के साथ हुई हैवानियत को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने राजबाड़ा पर मौन प्रदर्शन किया. सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने भी मौन प्रदर्शन कर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की.


