- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
15 अगस्त एक तारीख नहीं, यह हमारे आत्मसम्मान, त्याग और बलिदान की कहानी है – डॉ. एके द्विवेदी
एडवांस योग एवं नेचुरोपैथी हॉस्पिटल में हर्षोल्लास के साथ 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया
इंदौर।एडवांस योग एवं नेचुरोपैथी हॉस्पिटल में 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर ध्वजारोहण कर देश की आजादी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर बलिदानियों को याद कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने 15 अगस्त को मात्र एक ऐतिहासिक तारीख न बताते हुए इसे आत्म सम्मान, त्याग और बलिदान की कहानी बताया।
आजादी की 79वीं वर्षगांठ के मौके पर ग्रेटर ब्रजेश्वरी, पिपलियाहाना स्थित हॉस्पिटल पर कार्यक्रम हुआ। इस दौरान देश की आन बान और शान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्ति एडीजे अनिल पारे, विशिष्ठ अतिथि सेवानिवृत्त ए.डी. चतुर्वेदी, मनोचिकित्सक डॉ. वैभव चतुर्वेदी (कंसलटेंट सायकाइट्रिस्ट, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हॉस्पिटल के संचालक एवं आयुष मंत्रालय की केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) नई दिल्ली के वैज्ञानिक सलाहाकार बोर्ड के सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कार्यकारी परिषद सदस्य और वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एके द्विवेदी ने की। ध्वजारोहण के दौरान सभी ने तिरंगे को देशभक्ति के नारे के साथ सलामी दी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. एके द्विवेदी ने कहा कि 15 अगस्त का दिन हमारे लिए केवल एक ऐतिहासिक तारीख नहीं है बल्कि यह हमारे आत्म सम्मान, त्याग और बलिदान की कहानी है। आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, जिस स्वतंत्रता से अपने विचार व्यक्त कर पा रहे हैं उसके पीछे अनगिनत वीरों का बलिदान और संघर्ष छुपा है।
हमारे पूर्वजों ने अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना “आजाद भारत” का देखा था जिसे उन्होंने पूरा कर दिखाया। लेकिन साथियों उनका सपना सिर्फ अंग्रेजों को भगाना नहीं था बल्कि एक ऐसे भारत का निर्माण करना था जहां कोई भूखा न सोए, कोई अनपढ़ न रहे, कोई अन्याय का शिकार न हो। इसलिए आज हम सभी को खुद से सवाल पूछना चाहिए कि क्या हमने उनके सपनों का भारत बना लिया है? अगर जवाब मिले “नहीं” तो इसका मतलब है कि आज भी हमारा संघर्ष जारी है। सच्ची देशभक्ति अपने-अपने क्षेत्र में काम करने में है। यदि हम सब अपने-अपने हिस्से का काम पूरी निष्ठा से करेंगे तो आने वाला भारत हमारे पूर्वजों के सपनों से भी सुंदर होगा। आइए आजादी की 79वीं वर्षगांठ पर हम यह संकल्प लें कि हम बदलेंगे, तभी देश बदलेगा और तब हमारा भारत सचमुच “विश्व गुरु बनेगा”।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान बिहार से आए अप्लास्टिक एनीमिया बीमारी के मरीज दीपक कुमार, डॉ. जितेंद्र पुरी, विनय पांडे, श्यामवीर सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्टगान के साथ हुआ।


