- आरंभ गरबा महोत्सव 2026: इंदौर की सांस्कृतिक धरोहरों का भव्य उत्सव
- Hindi Zee 5 Unveils Trailer of Jio Studios, Fresh Lime Films and MA+TH Entertainment Networks’ Sumo Didi, A powerful story of grit, resilience, and breaking Stereotypes!
- Bollywood Actors Show Ways to Paint the Town Red this Navratri
- Karan D Kapadia Delves into the Mind of Hunkkaar: The Roar: The show acts as a small catalyst for change
- अक्षय कुमार और विपुल अमृतलाल शाह की ‘समुक’ ने यूके में पूरा किया शूटिंग शेड्यूल, अब मुंबई में होगा आखिरी पड़ाव
5 सितंबर के पश्चात वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र होने पर ही किया जाएगा गर्भवती महिलाओं का उपचार
गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा है प्रशासन की प्राथमिकता – कलेक्टर, मेटरनिटी अस्पतालों के संचालक एवं गायनाकोलॉजिस्ट के साथ बैठक संपन्न
इंदौर. इंदौर जिले में 25 अगस्त से प्रारंभ हो रहे दो दिवसीय वैक्सीनेशन महाअभियान 2.0 एवं नियमित रूप से संचालित किए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान में जिला प्रशासन द्वारा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तारतम्य में आज प्रीतमलाल दुआ सभागृह में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने जिले के सभी मेटरनिटी हॉस्पिटल के संचालक एवं गायनाकोलॉजिस्ट के साथ बैठक ली। इस अवसर पर विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के सदस्य डॉ निशांत खरे, अपर कलेक्टर डॉ अभय बेडेकर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए टीकाकरण अति आवश्यक है। सभी मेटरनिटी अस्पतालों के संचालकों एवं गायनोकोलॉजिस्ट ने एकमत से निर्णय लिया कि 5 सितंबर के पश्चात गर्भवती महिलाओं का उपचार तभी किया जाएगा जब वे कोविड वैक्सीनेशन का प्रथम डोज लगवा लेंगी। गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने के लिए जिले में जन जागरण के विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्णतः सुरक्षित है कोविड वैक्सीन
विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा प्रमाणित किया गया है कि कोविड वैक्सीनेशन गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्णतः सुरक्षित है। इसलिए जिले में गर्भवती महिलाओं के वैक्सीनेशन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए पृथक से टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं जहां पर उनकी सुविधा के लिए सभी जरूरी संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने इंदौर के नागरिकों से अपील की है कि वैक्सीनेशन महाअभियान 2.0 के दौरान टीकाकरण हेतु शेष रह गए सभी व्यक्ति अपना वैक्सीनेशन कराएं और गर्भवती महिलाएं भी आगे आकर अपना वैक्सीनेशन अवश्य करवाएं।
कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण हेतु इंदौर नगर निगम द्वारा 19 जोन में विशेष टीकाकरण केंद्र बनाए गए है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण हेतु पिंक केंद्र स्थापित किए गए हैं। उक्त निर्धारित किए गए केंद्रों के अलावा गर्भवती महिलाएं किसी भी टीकाकरण केंद्र पर जाकर वैक्सीन लगवा सकती हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला एवं उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी मेटरनिटी अस्पतालों के संचालक एवं गाइनेकोलॉजिस्ट को निर्देश दिए हैं कि वे उनके क्लीनिक एवं अस्पतालों में आ रही गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण एवं उसके महत्व के बारे में समझाइश दें और वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें।


