अन्न दान, शिक्षा दान एवं कन्या दान हमारे पूर्वजों से प्राप्त संस्कार है – कैलाश विजयवर्गीय

विधानसभा 1 के बाणगंगा मेला ग्राऊंड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 23 जोड़ों का हुआ परिणय संस्कार

इंदौर – अक्षय तृतीया के पुण्य अवसर पर विधानसभा 1 के बाणगंगा मेला ग्राऊंड में सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 23 जोड़े वैवाहिक गठबंधन में बंधे। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अन्न दान, शिक्षा दान एवं कन्या दान हमारे पूर्वजों से प्राप्त संस्कार है और इनमें कन्यादान का सर्वाधिक महत्व है, जिसके दान से अनन्त गुना फल की प्राप्ति होती है और इसके बगैर मोक्ष की प्राप्ति भी संभव नहीं है।

नई बहू मोबाइल से दूरी बनाकर रखें

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सामूहिक विवाह का इतना बड़ा कार्यक्रम चंदन सिंह बैस ने बगैर किसी सहायता के किया है वह काफी प्रशंसनीय है। उनसे कई बार सहायता के लिए पूछा गया, लेकिन उन्होंने इंकार किया। दान की परंपरा हमारे यहां प्राचीन काल से चली आ रही है, ऐसा ही एक दान कन्या दान है। जिसके यहां पर बेटी नहीं होती है वह अपनी भांजी की शादी कर पुण्य लाभ लेते हैं। इसलिए अगली बार जब सामूहिक विवाह हो तो जिनके घर पर कन्या नहीं है वह एक-एक कन्या गोद ले लेना और उसके विवाह का खर्च स्वयं करना। इस कन्या दान के संबंध में किसी को नहीं बताना है, क्योंकि दान गुप्त करना चाहिए उसका प्रचार-प्रसार नहीं होना चाहिए। आज अक्षय तृतीया है और भगवान परशुरामजी का प्रकटोत्सव है। मेरा सौभाग्य है कि भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव के दिन मेरा जन्म हुआ। यहां उपस्थित सभी बुजुर्ग मेरे माता-पिता समान है उनको चरणों में नमन कर आशीर्वाद चाहता हूं। मेरा नववधुओं से कहना है कि जिस घर में जा रही हो उसको अपना घर समझना। मोबाइल से दूरी बनाकर रखे, क्योंकि मोबाइल शंका का घर है। ससुराल के हर व्यक्ति का ख्याल रखो, जो बेटियां ससुराल में जाकर संस्कार और संस्कृति के अनुरूप कार्य करती है वह घर मंदिर बन जाता है। सास से भी मे कहना चाहता हूं कि वह बहू को बेटी समझे। बहू देवी स्वरूप है इसलिए उसको प्यार और सम्मान देना है। अंत में मैं सभी को विवाह की शुभकामना देता हूं।

सामूहिक विवाह से समाज को मिलता है सकारात्मक संदेश – आकाश विजयवर्गीय

पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर सभी वर-वधु को परिणय सूत्र में बंधने की बहुत-बहुत बधाई। वर्तमान में एक विवाह को संपन्न होने में 5 से लेकर 25 लाख तक का खर्च आता है, लेकिन चंदन सिंह बैसजी और हमारे भाजपा लक्ष्मीबाई मंडल के कार्यकर्ताओं ने माननीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में इतना दिव्य और भव्य आयोजन किया है और सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज को एकसूत्र में बांधने का सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होने 23 जोड़ों का विवाह करवाकर अच्छा संदेश दिया है। इस तरह से 46 परिवारों को काफी बचत हुई और भव्य समारोह में विवाह संपन्न हुए। इस तरह के विवाह समारोह खर्चीली शादियों को सादगी से संपन्न कराने का संदेश देते हैं। इस अवसर पर हमारे बीच वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए श्री धाम सरकार, अलीजा सरकार ब्रह्मचारी पवनानंद जी महाराज उपस्थित हैं। वैदिक मंत्रोच्चार से परिणय संस्कार संपन्न करवाने के लिए विद्याधाम के विद्वान पंडितों की टीम है।मैं सभी वैवाहिक गठबंधन में बंध रहे जोड़ों को बधाई देता हूं।

प्रत्येक जोड़े को दिए डेढ़ लाख रुपये के 15 घरेलू सामान

सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई मंडल के अध्यक्ष चंदन सिंह और उनकी टीम के द्वारा किया गया था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल को चार धाम को आधार बनाकर चार भागों में विभाजित कर उसको जनकपुर नाम दिया है। 5 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई और प्रत्येक विवाहित जोड़ों को डेढ़ लाख रुपये कीमत के घरेलू उपयोग के सोफा सेट, वाशिंग मशीन, फ्रीज, कूलर, ड्रेसिंग टेबल, टीवी, आलमारी, पलंग, गद्दा, तकिया, रजाई, 101 बर्तन (बड़ा घड़ा, छोटा घड़ा, कूकर, दो तरह के ओवन, मिक्सर आदि) एवं अन्य गृहस्थी के सामान उपहार स्वरूप प्रदान किए गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अगला सामूहिक विवाह समारोह दयाल बाग में होगा और उसमें 51 जोड़ों का परिणय संस्कार संपन्न करवाया जाएगा। कार्यक्रम में गुरुजी नितिन मतकर, संजय शुक्ला, विधानसभा 1 भाजपा के समस्त मंडल अध्यक्ष, पार्षद, वरिष्ठ भाजपा नेता, भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दूल्हा-दूल्हन के परिजनों के अलावा अतिथियों ने हिस्सा लिया। वर-वधू का शाही बाना खाटू श्याम मंदिर से बैंड-बाजों के साथ निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। शाही बाने का कई जगहों पर भव्य स्वागत किया गया।

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