- Birla Studios announces June 18th as the theatrical release date of Kartik Aaryan starrer Ladaku, directed by Kabir Khan!
- Sanaraees Khan Shares Inside Pictures from Raveena Tandon’s Star-Studded Birthday Bash
- Dr. Acharya Vinod Kumar Ojha Highlights the Astrological and Spiritual Significance of Diwali 2026
- Netflix Pe Pitega Titu Mama Ka ‘Dhindora’: India’s First and Biggest Digital Creator Bhuvan Bam Brings Cult Favourite Back for Season 2 on November 20
- Kamyaabi Ki Kahaani, Hassi Ki Zubani: Zakir Khan, Pankaj Tripathi and Vikas Divyakirti to Bring Laughter and Life Lessons to The Great Indian Kapil Show
साहस, शौर्य और धर्म रक्षा का प्रतीक है भगवान परशुराम का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में परशुराम जयंती की भव्य शोभायात्रा का किया शुभारंभ
इंदौर, 19 अप्रैल 2026. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर के बड़ा गणपति चौराहा में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनका जीवन साहस, शौर्य, निडरता और धर्म रक्षा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि समाज को भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाते हुए एकता, समरसता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
डॉ. यादव ने कहा कि माँ अहिल्या की नगरी इंदौर अपनी सांस्कृतिक गरिमा और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। परशुराम जयंती पर इस प्रकार की भव्य शोभायात्रा का आयोजन अत्यंत सराहनीय है, जो समाज में जागरूकता और एकजुटता का संदेश देता है।
भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाएं वाले स्थलों को प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में किया जायेगा विकसित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं सुदर्शन चक्र के बिना अधूरी हैं और यह सुदर्शन चक्र भगवान परशुराम द्वारा ही प्रदान किया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश की पावन धरती से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण की, वहीं भगवान श्रीराम ने चित्रकूट सहित प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर समय व्यतीत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान राम और श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन्हें विकसित कर प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म का पुनर्जीवन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में उज्जैन में वैदिक घड़ी का निर्माण किया गया है, जिसके माध्यम से भारतीय कालगणना और तिथियों का निर्धारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का संदेश “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” आज भी प्रासंगिक है और समाज को धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मध्यप्रदेश सरकार भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात कर सभी वर्गों के कल्याण एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सतत कार्य कर रही है।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्री मनोज पटेल, श्री सुमित मिश्रा, पं. सत्यनारायण सत्तन, श्री गोपीकृष्ण नीमा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित ब्राह्मण समाज के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के सुखलिया क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।


