- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और डिजिटल की लत से रहें दूर
जीवन की असली संपत्ति छोटी-छोटी खुशियों में छिपी है, इन्हें महसूस करो और मुस्कुराते रहो -डॉ एके द्विवेदी
पारुल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद में शिक्षकों को दिया फिजियोलॉजी और ह्यूमन केयर पर प्रशिक्षण
देशभर से आए 30 से अधिक प्राध्यापकों ने लिया भाग
इंदौर। वर्तमान समय में मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की अत्यधिक निर्भरता एवं लत के कारण लोग अनिद्रा, मानसिक तनाव, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि हम अपनी जीवनशैली में संतुलन लाएं, डिजिटल लत से दूर रहें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
इन्हीं विषयों पर प्रकाश डालते हुए एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर के फिजियोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. द्विवेदी ने पारुल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद में आयोजित सीएमई (Continuing Medical Education) कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित किया।
डॉ. द्विवेदी ने 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन, 8 अक्टूबर (बुधवार) को “Concept of Man in Health and Role of Physiology in Understanding Health” विषय पर व्याख्यान दिया तथा देशभर से आए चिकित्सा शिक्षकों को हेल्थ फिजियोलॉजी और ह्यूमन केयर के व्यवहारिक आयामों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इस सीएमई में 30 से अधिक प्राध्यापक एवं प्राचार्य शामिल हुए।

अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. द्विवेदी ने कहा— “स्वस्थ जीवन के लिए हमें अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति, अनुशासित दिनचर्या, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। जिसने फिजियोलॉजी के सिद्धांतों को समझ लिया, वह स्वास्थ्य और रोग के बीच के अंतर को पहचानकर स्वयं को पुनः स्वस्थ बना सकता है।”
सत्र के समापन पर डॉ. द्विवेदी ने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा— “जीवन की असली संपत्ति छोटी-छोटी खुशियों में छिपी है, इन्हें महसूस करो और मुस्कुराते रहो।”
कार्यक्रम के अंत में पारुल यूनिवर्सिटी की कैंपस डायरेक्टर डॉ. हिना रावल एवं प्राचार्य डॉ. गौरव भट्ट ने डॉ. द्विवेदी को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।


