- जल संरक्षण पर डॉ. ए.के. द्विवेदी के सुझावों की मंत्री तुलसी सिलावट ने की सराहना, अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के दिए निर्देश
- Raj Kundra on the Ongoing Pornography Case: I am ready to give up my life if I am found guilty
- पुरी रथ यात्रा से पहले एयरटेल ने पूरे ओडिशा में अपने नेटवर्क को और मजबूत किया
- A Menstrual Hygiene Initiative Fueled Manushi Chhillar's Win for Miss India 2017 Crown
- जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने एमजी एडाप्ट का किया अनावरण
ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने डॉ. अतुल मलिकराम को सौंपी मध्य प्रदेश की कमान
भोपाल, 11/04/26: ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने संगठन की मजबूती और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आर.ए. वासनिक (बंटी वासनिक) की अनुशंसा पर जारी इस नियुक्ति आदेश में डॉ. मलिकराम के सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण और उनकी सक्रियता को मुख्य आधार बताया गया है। केंद्र सरकार के एससी आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त इस संगठन का उद्देश्य वंचित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है। डॉ. अतुल मलिकराम की इस नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में सामाजिक सशक्तिकरण के अभियानों को नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर डॉ. अतुल मलिकराम ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि, “नेतृत्व का असली अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि उन आवाजों को ताकत देना है जो हाशिए पर खड़ी हैं; मेरा प्रयास रहेगा कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर प्राप्त हो।”
डॉ. अतुल मलिकराम एक प्रतिष्ठित राजनीतिक रणनीतिकार, प्रखर लेखक और अनुभवी पीआर सलाहकार के रूप में देश भर में अपनी अलग पहचान के लिए जाने जाते हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे मध्य प्रदेश सहित हिंदी भाषी राज्यों की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को गहराई से समझ रहे हैं। वर्ष 1999 में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करने वाले डॉ. मलिकराम ने 2006 में पीआर 24×7 की स्थापना की और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक भविष्यवाणी कर अपनी दूरदर्शिता का लोहा मनवाया। उन्हें राजनीति के साथ-साथ कम्युनिकेशन और क्राइसिस मैनेजमेंट विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है, जिसका लाभ अब संगठन के माध्यम से सीधे समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों को प्राप्त होगा।
डॉ. मलिकराम का व्यक्तित्व केवल रणनीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक संवेदनशील लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक 10 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें दिल से, दिल-ए-उम्मीद और कसक दिल की जैसी रचनाएं मानवीय भावनाओं और सामाजिक मुद्दों पर उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। इसके अलावा वे उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्हे जीएचजी/कार्बन फुटप्रिंट सर्टिफिकेट प्राप्त है। उनके सामाजिक योगदानों में इंदौर में स्थापित देश का पहला एंगर मैनेजमेंट ‘कैफे भड़ास’ और बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित एनजीओ ‘बीइंग रिस्पॉन्सिबल’ प्रमुख हैं। राजनीति रणनीतियों की गहरी समझ के साथ उन्हें कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि तथा समाज के प्रति अपनी निस्वार्थ सेवाओं के लिए गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।


