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स्वच्छता के साथ ही इंदौर को विकास एवं तरक्की के क्षेत्र में भी देश में अव्वल एवं आदर्श शहर के रूप में किया जायेगा विकसित
शहर में 2026 तक होंगे अधोसंरचनाओं के विकास के विभिन्न कार्य, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने देखा प्रजेन्टेशन
इंदौर. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंदौर को विकास एवं तरक्की के क्षेत्र में आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जायेगा। अगले पांच वर्षों में ऐसी योजनाओं पर कार्य होगा, जिससे कि यह शहर स्वच्छता के साथ ही विकास और तरक्की में भी देश में अव्वल और आदर्श शहर के रूप में दिखाई दें।
उन्होंने आज इंदौर में अगले पांच वर्षों में किये जाने वाले कार्यों के लिये प्रस्तावित योजनाओं का प्रजेन्टेशन देखा। उन्होंने योजनाओं की जानकारी ली और निर्देश दिये कि इंदौर की भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार कार्य किये जाये। इंदौर के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, औद्योगिक निवेश मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सांसद श्री शंकर लालवानी विशेष रूप से मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, एडीजी श्री योगेश देशमुख, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, आईजी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री हरिनारायणचारी मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा और कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने मूलभूत सुविधाओं (शहरी अधोसंरचनाओं) का विकास, ट्रैफिक मास्टर प्लान, आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश, सामाजिक दायित्व, सांस्कृतिक विकास, पर्यावरण संरक्षण आदि क्षेत्र में किये जाने वाले विकास कार्यों के लिये प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इंदौर में विकास की अपार संभावनाएं है। यह तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। शहर के नागरिकों की जरूरत के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं, भविष्य में इसे और अधिक विस्तारित किया जायेगा। स्वच्छता में तो यह शहर अव्वल है ही अब इसे विकास और तरक्की के क्षेत्र में भी अव्वल और आदर्श बनायेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इंदौर में परिवहन सुविधा को सुलभ बनाने के लिये शहर के व्यस्ततम मार्गों पर केबल कार चलाई जाये। इसके लिये तैयार योजना को उन्होंने अपनी सहमति दी। केबल कार चलाने वाला इंदौर देश के चुनिंदा शहरों में शामिल होगा। इस योजना को मूर्तरूप देने के लिये विस्तृत योजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश भी दिये।
शहर में सभी शासकीय स्कूलों को जन-भागीदारी से प्रायवेट स्कूलों से बेहतर और सुविधायुक्त बनाया जायेगा। इसके लिये उन्होंने अभियान चलाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। साथ ही कहा कि इंदौर में इन्टरनेशनल एयरपोर्ट विकसित किया जाये। इसके लिये पूरी मदद दी जायेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिये सुविधायुक्त ठेला जोन और दैनिक मार्केट विकसित किया जायेगा। उन्होंने आईटी हब का विस्तार करने के निर्देश भी दिये। इसके लिये उन्होंने आईंटी से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठक करने की बात भी कहीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सर्वसुविधायुक्त लॉजिस्टिक हब विकसित हो। उन्होंने जिले में एक बड़ी गौ-शाला को आदर्श गौ-शाला के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि समय के जरूरत के मुताबिक नये रोड़ विकसित हो। मेट्रो के कार्य की गति बढ़ाई जाये। ऐसे प्रयास किये जाये कि वर्ष 2022 तक कोई भी परिवार पक्के मकान से वंचित नहीं हो, सबका पक्का मकान हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शहर में चल रहे सभी फीवर क्लीनिकों का सुदृढ़ीकरण किया जाये, जिससे कि नागरिकों को अपनी बीमारियों के इलाज में सुविधा हो। अनेक जाँच सुविधाएं भी उन्हें इन्हीं केन्द्रों पर मिले।
बैठक में पूर्व मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शहर में घरेलू उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाये। इंदौर में खिलौनों के निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे कार्य किये जाये, जिससे छोटे-छोटे उद्योगों, उद्यमियों और व्यावसायियों को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर ट्रांसपोर्ट हब में व्यवस्था की जाये, इसके लिये योजना बनायें।
बैठक में बताया गया कि अगले पांच वर्षों में 2026 तक जल प्रदाय का कवरेज हर नागरिकों तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई है। हर घर में नल- हर नल में जल होगा। शहर में 30 नई टंकिया बनाई जायेगी तथा 350 किलोमीटर वितरण तंत्र का विकास होगा। सीवरेज क्षमता 75 एमएलडी और संग्रहण तंत्र 847 किलोमीटर का विस्तार होगा। सीवरेज के जल की उपचार क्षमता 412 एमएलडी से बढ़ाकर 487 एमएलडी तथा तथा नेटवर्क की क्षमता 1675 किलोमीटर से बढ़ाकर 2522 किलोमीटर करना प्रस्तावित है। उपचारित जल का पुन: उपयोग 102 एमएलडी से बढ़ाकर 350 एमएलडी करना है।
संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा और कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर देश का ऐसा पहला शहर होने जा रहा है, जिसकी सभी नदी और नालों में गंदा और सीवरेज का जल उसके पानी में नहीं मिलेगा। नदी और नालों में स्वच्छ और उपचारित जल ही प्रवाहित होगा। स्टार्म वॉटर ड्रेनेज लाइन की क्षमता प्राकृतिक नदी नालों सहित 400 किलोमीटर से बढ़ाकर वर्ष 2026 तक 615 किलोमीटर की जायेगी। शहर को वॉटर प्लस सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
रेंटल हाउसिंग के अंतर्गत शहरी मजदूरों और प्रवासियों के लिये 2022 तक 200 घर एवं वर्किंग महिलाओं के लिये 100 बेड हॉस्टल बनाने का लक्ष्य है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मांग अनुसार विभिन्न चरणों में 97 हजार 627 किफायती आवासीय ईकाईयों का निर्माण प्रस्तावित है। योजना के अंतर्गत लक्ष्य की पूर्ति के लिये तेजी से काम चल रहा है।
ट्रैफिक मास्टर प्लान
बैठक में बताया गया कि शहर के लिये नया ट्रैफिक मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नई सड़कों का निर्माण, सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तारीकरण, लोहा मण्डी तथा अनाज मण्डी का विस्थापन, पार्किंग व्यवस्था के विस्तार के कार्य प्रस्तावित है। शहर में 50 किलोमीटर मास्टर प्लान रोड का विकास प्रस्तावित है। रिंग रोड एवं एबी रोड पर सात फ्लाई ओवर प्रस्तावित है। यातायात को बेहतर बनाने के लिये 83 किलोमीटर लम्बाई के आउटर रिंग रोड का निर्माण की योजना भी बनाई गई है। इंदौर बायपास के दोनों तरफ फोरलेन सर्विस रोड के निर्माण की योजना तैयार की गई है। सार्वजनिक परिवहन सुविधा को विस्तारित करने की कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
केबल कार नेटवर्क स्थापित होगा
शहर में अभिनव सार्वजनिक परिवहन प्रणाली केबल कार नेटवर्क विकसित की जायेगी। इसके माध्यम से शहर में केबल का नेटवर्क चलेगी। इसके लिए कम स्थान की आवश्यकता होगी। यह नेटवर्क मेट्रो और बीआरटीएस के फीडर के रूप में कार्य करेगा। इसमें लागत भी कम आयेगी। यह पूरी तरह सुरक्षित होगी। यह नेटवर्क सड़क, नदी और रेल्वे लाइन के उपर से निकल सकता है। इसका फिजिबिलिटी अध्ययन कर पायलेट प्राजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
दस एकड़ में बनेगी नयी रेती मण्डी
शहर में यातायात के दबाव को कम करने के लिये लोहा मण्डी तथा अनाज मण्डी के विस्थापन की कार्ययोजना बनाई गई है। हाथीपाला लोहा मण्डी को स्कीम नम्बर-78 निरंजनपुर तथा आईडीए द्वारा प्रस्तावित लॉजिस्टिक हब में विस्थापित किया जायेगा। साथ ही छावनी अनाज मण्डी को 55 एकड़ भूमि पर कैलोद करताल में विस्थापित करने की योजना है। इसके अलावा सनावदिया में 10 एकड़ क्षेत्र में नई रेती मण्डी के विकास की योजना भी है।
ठेला जोन और दैनिक मार्केट होगा विकसित
बैठक में बताया गया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिये रोजगार सृजन हेतु ठेला जोन और दैनिक मार्केट का विकास किया जायेगा। शहर में 10 स्थानों पर ठेला जोन और 10 स्थानों पर दैनिक बाजार बनेंगे। यह सभी सर्वसुविधायुक्त होंगे।
विभिन्न औद्योगिक क्लस्टर होंगे विकसित – 60 हजार लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार
जिले में रोजगार के सृजन तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना तैयार की गई है।
इसके अनुसार रंगवासा में फूड प्रोसेसिंग, मोहना में आयुर्वेदिक, खिलौने एवं इलेक्ट्रीक क्लस्टर, बेटमा खुर्द में फर्नीचर एवं फार्मा, क्षिप्रा में खिलौना एवं कन्फेक्शनरी क्लस्टर, मल्टीप्रोडक्ट इंडस्टियल एरिया में फिनटेक एवं नॉलेज पार्क तथा देपालपुर में इन्वेस्टमेंट रीजन डेवलपमेंट योजना तैयार की गई है। आईटी क्षेत्र के विकास की योजना भी तैयार की गई है। इंदौर एयरपोर्ट से 25 किमी दूर 200 एकड़ में लॉजिस्टिक हब बनाये जाने की योजना भी प्रस्तावित है। घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जायेगा। प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी।
धार्मिक पर्यटन सर्किट बनेगा
इंदौर तथा इसके आसपास के धार्मिक स्थानों को मिलाकर धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख पर्यटन स्थल माण्डू और हनुवंतिया को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा इंदौर का खजराना गणेश मंदिर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर आदि भी शामिल होंगे। खजराना गणेश मंदिर में शिव परिवार संग्रहालय का निर्माण प्रस्तावित है।
जनभागीदारी से होगा स्कूलों का विकास
इंदौर शहर में जनभागीदारी के माध्यम से स्कूलों के संचालन एवं संधारण की योजना तैयार की गई है। सभी शासकीय स्कूलों के भवनों को बेहतर बनाने, शैक्षणिक अधोसंरचनाओं के विकास, शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने आदि के कार्य कराये जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके लिये अभियान चलाने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन के लिये विभिन्न कार्यों को विस्तारित किया जायेगा। यह प्रयास किये जाएंगे कि शासकीय सेवाओं और प्रमाण पत्रों की प्राप्ति के लिये नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़े। शहर के गाँधी हाल, मराठी स्कूल और गोपाल मंदिर आदि स्थानों को सांस्कृतिक एवं कला के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। विशेषज्ञों से परामर्श उपरान्त विस्तृत नियम तैयार किये जा रहे हैं।
इंदौर होगा भिक्षुक मुक्त शहर
बैठक में बताया गया कि सामाजिक एवं समावेशी विकास के तहत इंदौर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाया जायेगा। भिक्षुकों को विभिन्न कौशल का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। रेन बसेरों का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे लोग जिनमें नशे की आदत है, उनमें नशे की आदत छुड़वाने के लिये नशा मुक्ति केन्द्र बनाये जायें।
बैठक में बताया गया कि दीनदयाल रसोई योजना का विस्तार किया जायेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिये 22 जलाशयों के जीर्णोद्धार की योजना भी है। शहर में 2021 तक एक वार्ड को शत-प्रतिशत ग्राउण्ड वाटर रिचार्जिंग वार्ड के रूप में बनाया जायेगा। वर्ष 2023 तक 20 तथा वर्ष 2026 तक लगभग सभी वार्डों को शत-प्रतिशत ग्राउण्ड वाटर रिचार्जिंग वार्ड के रूप में बनाएंगे। बैठक में बताया गया कि शहर में गीला तथा सूखे अपशिष्ट के प्रसंस्करण की इकाई का विस्तार करना भी प्रस्तावित है।


