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विदेश में राज्य शासन के आर्थिक सहयोग से पढ़ने वाला अमित देश में देश में आकर दूसरों को देगा रोजगार
इंदौर. आईटी क्षेत्र का होनहार विद्यार्थी अमित वडनेरे का सपना विदेश में जाकर पढ़ने का था। आर्थिक मजबूरी के कारण उसका यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। एक दिन उसे राज्य शासन द्वारा क्रियान्वित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के बारे में जानकारी मिली। उसने आवेदन दिया। आवेदन स्वीकृत हो गया।
विदेश जाने के लिये 30 लाख रूपये मिले। उसके हौंसलों को पंख लगे। आज उसकी मुराद पूरी हो गयी। अब वह विदेश से अध्ययन कर वापस भारत आकर यहां के युवाओं को रोजगार देना चाहता है।
अमित वडनेरे के पिता इंदौर के ही हैं। उनकी आर्थिक मजबूरी के कारण उसकी मुराद पूरी करने में असमर्थ थे। राज्य शासन ने अमित की मुराद को पूरा किया। अमित ने इंदौर से ही आईटी में बीई की शिक्षा प्राप्त की है। मास्टर इन कम्प्युटर साइंस के लिये उसका चयन यूएसए के स्टीवन्स इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलाजी इनोवेशन यूनिवर्सिटी के लिये चयन हुआ है।
इस होनहार विद्यार्थी के लिये राज्य शासन ने 30 लाख 91 हजार रूपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की है। उसने बताया कि मैं विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने देश में आईटी कम्पनी स्थापित करूंगा तथा यहाँ के युवाओं को रोजगार दूंगा। छात्रवृत्ति के लिये उसने राज्य शासन विशेषकर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री अनिल कुमार सोनी ने बताया कि विभाग द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिये विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना का प्रभावी कियान्वयन किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में इंदौर जिले के कुल 13 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ने के लिये लगभग तीन करोड़ रूपये की विदेश अध्ययन छात्रवृति स्वीकृत की गयी है।
इनमें से वर्ष 2017-18 में 8 विद्यार्थियों के लिये एक करोड़ 64 लाख 57 हजार 637 तथा वर्ष 2018-19 में अब तक 5 विद्यार्थियों के लिये एक करोड 32 लाख 35 हजार 76 रूपये की छात्रवृत्ति मंजूर की गयी है। उन्होंने बताया कि विदेशों में विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध कार्यों के लिये विभाग द्वारा छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है। विस्तृत जानकारी के लिये कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 303 सेटेलाईट भवन में सम्पर्क किया जा सकता है।


