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कोरोना को हराने में प्रामाणिक जानकारियों की अहम भूमिका
इंदौर कोरोना महामारी को हराने में प्रामाणिक जानकारियों की अहम भूमिका है। इसलिये इस पर लिखा जा रहा साहित्य स्वागतयोग्य है।
ये बात केंद्रीय मंत्री मंत्री नितिन गडकरी ने पुस्तक “कोरोना के साथ कोरोना के बाद” के लेखक डॉ. ए.के. द्विवेदी से चर्चा के दौरान कही।

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) के मुख्य कार्यालय में शुक्रवार शाम हुई मुलाकात के दौरान श्री गडकरी ने कहा कि कि कोरोना अभी पूरीतरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिये अभी इसको लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होने संतोष जताया कि अब ज्यादातर लोग कोरोना को लेकर जागरुक हैं और सबके सहयोग से ही 200 करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा कर सके हैं।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि पुस्तक में हमने डॉक्टर्स, पेशेंट्स और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ-साथ कोरोना महामारी के दौरान अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस, प्रशासन, बैंककर्मी, कॉरपोरेटर्स समेत समाज के हर महत्वपूर्ण वर्ग के अनुभवों को शामिल करने की कोशिश की है, क्योंकि कोरोना ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के मध्यभारत के एकमात्र सदस्य डॉ. द्विवेदी ने बताया की किताब खास तौर पर यह ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है कि यदि भविष्य में हमारी या भावी पीढ़ी को इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा तो वो इस किताब का इस्तेमाल संदर्भ दस्तावेज के रूप में करके से परेशानियों के दौर से आसानी से उबर सके। इस अवसर पर किताब के संपादक वरिष्ठ लेखक अनिल त्रिवेदी भी मौजूद थे।


