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इंडेक्स अस्पताल में यूनिवर्सल प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है विशेषज्ञों द्वारा ब्लैक फंगस का इलाज
इंडेक्स अस्पताल में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के ट्रीटमेंट के लिए गठित की गई विशेषज्ञों की टीम
इंदौर। शहर के ख्यात इंडेक्स मेडिकल अस्पताल में बड़ी संख्या में कोविड-19 मरीजों का इलाज बेहतर तरह से चल रहा है। इलाज की प्रक्रिया में मरीजों को अच्छा स्वास्थ्य देने के लिए डॉक्टर्स के साथ ही इंडेक्स अस्पताल के समस्त हेल्थ स्टाफ के द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है। लोग पहली लहर के मुकाबले ज्यादा प्रभावित हो रहे है। इसमें भी 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है। लेकिन सावधानी और बेहतर उपचार से इसे हराया जा सकता है।
दूसरी लहर है ज्यादा खतरनाक
इंडेक्स अस्पताल के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया ने बताया कि डॉक्टर्स के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है इसलिए मरीजों के ठीक होने में ज्यादा वक्त भी लग रहा है। इसी कारण बहुत से मरीजों को ज्यादा मात्रा में स्टीरोइड लम्बे समय तक देना पड़ता है। इसके साथ हायर एंटीबायोटिक भी लंबे समय तक दिए जाते है। हाल ही में अस्पतालों में यूनिवर्सल प्रिकॉशन को लेते हुए भी ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के केस डेवलप हो रहे है। यह ब्लैक फंगस लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसी चिंता को दूर करने के लिए इंडेक्स अस्पताल में विशेषज्ञों की स्पेशल टीम बनाई गई है, जो कि ब्लैक फंगस का इलाज यूनिवर्सल प्रोटोकॉल के तहत कर रही है। वहीं, अन्य अस्पताल की तरह हम भी इंजेक्शन ‘एम्फोटेरिसिन-बी’ की कमी का सामना कर रहे है। क्योंकि यह इंजेक्शन वर्तमान में मार्केट में उपलब्ध नहीं है।
म्यूकोरमाइकोसिस :-
यह एक तरह का फंगल इंफेक्शन है, जिसके अब तक काफी गंभीर परिणाम भी देखने को मिले हैं। इस बीमारी से मरीजों की आंख की रोशनी भी जा सकती है, जबड़े और नाक की हड्डी गल सकती है और यह मस्तिष्क में भी फेल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी का इलाज जल्द और सही तरीके से शुरू करना बहुत जरूरी है।


