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सांसद लालवानी के प्रयास से शहर को मिली दो बायोसेफ्टी केबिनेट
एमजीएम कॉलेज में बायोसेफ्टी केबिनेट और वायरोलॉजी लैब मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का लोकार्पण समारोह संपन्न
इंदौर. कोरोना संक्रमण की जंग में पूरा देश एकजुट खड़ा है। शासन, प्रशासन जन प्रतिनिधि और चिकित्सक बिना थके लगातार अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि, कोरोना वायरस की रोकथाम तथा संदिग्धों की पहचान हेतु आवश्यक है कि अधिक से अधिक संख्या में सैंपल टेस्ट किए जाएं, जिससे संक्रमित व्यक्तियों कि समय रहते पहचान कर इलाज प्रारंभ किया जा सके।
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर के प्रबंधन द्वारा इस संबंध में सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी से चर्चा की गई। चर्चा करने के बाद सांसद श्री श्री लालवानी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सीएसआर एक्टिविटी के तहत बायोसेफ्टी केबिनेट उपलब्ध कराई। जिनका उपयोग कोरोना सैंपल टेस्ट में किया जाता है।
इस तारतम्य में आज एमजीएम कॉलेज के सभागृह में बायोसेफ्टी केबिनेट तथा वायरोलॉजी लैब मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का लोकार्पण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर संभाग आयुक्त डॉ. पवन शर्मा, वायरोलाॅजी टीम, मेडिकल टेक्नीशियन टीम, माइक्रोबायोलॉजी टीम, विभिन्न डॉक्टर्स आदि उपस्थित थे।
सांसद श्री लालवानी ने बताया कि, पिछले चार महीनों के अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप इंदौर आज की स्थिति में पहुंचा है। विषम परिस्थितियों के बावजूद भी लगातार किए गए प्रयासों के फलस्वरूप आज इंदौर में स्थिति नियंत्रित है।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर दौरे के वक्त इंदौर की इस कहानी का डॉक्यूमेंटेशन किये जाने की बात की थी। यही नहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी इंदौर के प्रयासों को सराहा है। यह शासन, प्रशासन, चिकित्सकीय दल और जनता के समन्वित प्रयासों से ही संभव हो सका।

कार्यक्रम के दौरान संभाग आयुक्त डॉ शर्मा ने बताया कि, यह मात्र उपकरण खरीदने तक सीमित नहीं है। बल्कि, एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें उपकरण की संपूर्ण क्षमता का उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में तकनीक से संबंधित मानव संसाधन जुटाना, उन्हें प्रशिक्षित करना तथा उस तकनीक के पालन शतप्रतिशत दोहन करने के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम बधाई की पात्र है।
उन्होंने बताया कि, मार्च माह में जहां 40 टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे थे वही आज इंदौर की क्षमता दो हजार से के ऊपर पहुंच गई है। साथ ही 31 जुलाई तक एक और मशीन प्राप्त हो जाएगी, जिसकी क्षमता 3 हजार 500 के करीब है। जिसके बाद इंदौर टेस्टिंग कैपेसिटी के मामले में और भी बेहतर स्थिति में आ जाएगा।
इस अवसर पर एमजीएम कॉलेज की डीन डॉ ज्योति बिंदल ने सांसद श्री शंकर लालवानी का इतने कम समय में बायोसेफ्टी केबिनेट उपलब्ध कराने तथा मेडिकल टीम से लगातार संपर्क में रहने और उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए आभार व्यक्त किया।


