- स्मार्ट सिटी प्लानिंग में जंगलों, कृषि भूमि और आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) को बचाना अनिवार्य: प्रसिद्ध वास्तुकार हफीज कॉन्ट्रैक्टर
- Ganesh Utsav 2026: Take Nath Inspiration from Shraddha Kapoor, Urmila Matondkar, Ankita Lokhande, Madhurima Tuli and Shriya Pilgaonkar
- Disha Patani, Sara Ali Khan to Alia Bhatt: Bollywood Divas Display Ways to Ace Traditional Fashion this Ganesh Chaturthi
- Pratibha Ranta Expresses Gratitude as The Revolutionaries Soars, Opens Up About Playing Pratibha Lahiri: There is so much quiet strength in the way women hold their lives together
- इंदौर में 'इंदौर टेक समिट 2026' का सफल आयोजन
शहर कांग्रेस ने लोकसेवा आयोग के कार्यालय पर किया जंगी प्रदर्शन
इन्दौर. कांग्रेस ने मोर्चा सम्भालते हुए आज लोक सेवा आयोग के कार्यालय पर शहर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. व्यापम के महाघोटाले के विरोध में मोर्चा सम्भालते हुए घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. जगदीश सागर की डायरी में मामाजी एवं वीआईपी जैसे शब्दों का उपयोग कोडवर्ड में सामने आने पर यह प्रदर्शन किया गया. कांग्रेसियों ने शब्दों के उपयोग का खुलासा उच्चस्तरीय जांच के माध्यम से कराने की मांग को लेकर लोकसेवा आयोग अध्यक्ष को प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया.
शहर कांग्रेस के स्थायीमंत्री प्रकाश महावर कोली एवं प्रवक्ता जौहर मानपुरवाला ने बताया कि प्रदेश के सबसे बड़े व्यापम महाघोटाले में डॉ. सागर की डायरी से मामाजी एवं वीआईपी नाम के उपयोग पर शहर कांग्रेस ने लोकसेवा आयोग के कार्यालय पर शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय बाकलीवाल एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष भंवर शर्मा के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम लोकसेवा आयोग के नाम त्रापन दिया.
ज्ञापन पत्र के माध्यम से राज्यपाल का ध्यान आकर्षित करते हुये कहा कि व्यापम घोटाले के मामले में मध्यप्रदेश का नाम अव्वल नंबर पर प्रचारित हो चुका है कि व्यापम घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. जगदीश सागर ने पहले तो सबसे ज्यादा पीएमटी और व्यापम द्वारा होने वाली ड्रग इंसपेक्टर, सब इंसपेक्टर जैसी परिक्षाओं में पास कराने के सौदे किए थे.
व्यापम घोटाले की जांच एसटीएफ के साथ सीबीआई भी कर रही है. पर जांच एजेंसियां मुख्य रूप से पीटीएम एवं प्री-पीजी परिक्षा तक ही केन्द्रीत रही है. जबकि डायरी में आवेदक व उसके पिता का नाम पता, शहर व मोबाईल नम्बर भी लिखा है. आवेदक लड़का है या लड़की? वह किस केटीगरी से है यह भी लिखा गया है. इसी हिसाब से डॉ. जगदीश सागर डील राशि तय करता था.
डायरी में कुछ सौदों के साथ वीआईपी एवं मामा शब्दों का उपयोग कोडवर्ड में हुआ है. कोडवर्ड में लिखे गये शब्द संकेत देते हैं कि डॉक्टर जगदीश सागर ने राज्य शासन में बैठक किसी बड़े नेता एवं किसी रसूखदार के कहने पर ही सौदे किए हैं. इन्दौर शहर कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन पत्र के माध्यम से मांग करती है कि प्रदेष का सबसे बड़ा व्यापम महाघोटाला मध्यप्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार में हुआ है।
जो अपने आपको मामा भी कहलवाते हैं. और यह शब्द डॉ. सागर की डायरी में भी किसी व्यक्ति के लिए उपयोग किया गया है। यह भी एक बड़ा सवाल है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए जिससे कि स्थिती स्पष्ट होगी और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए. प्रदर्शन में कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे.


