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एनेस्थीसिया से डरें नहीं उसे समझें : RSACPCON 2026 में दुनिया के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ इंदौर में
“रिसर्च से इलाज तक” थीम के साथ सुरक्षित और दर्द-मुक्त सर्जरी पर मंथन
इंदौर, 10 अप्रैल 2026 — जब भी किसी परिवार में किसी की सर्जरी होती है, तो सबसे बड़ी चिंता ‘सुरक्षा’ की होती है। इंदौरवासियों और पूरे देश के लिए खुशी की बात है कि आज से इंदौर में RSACPCON 2026 की शुरुआत हो रही है, जहाँ दुनिया भर के दिग्गज एनेस्थीसिया डॉक्टर जुटे हैं। इनका मकसद सिर्फ एक है—हर सर्जरी को पहले से ज़्यादा सुरक्षित और दर्द-मुक्त बनाना।
इस सम्मेलन का मंत्र है—”रिसर्च से इलाज तक”। यहाँ मौजूद डॉक्टर यह तय कर रहे हैं कि दुनिया भर की नई खोजें सिर्फ कागजों तक न रहें, बल्कि वे आपके और हमारे अपनों की जान बचाने के काम आएँ।
आयोजन अध्यक्ष प्रो. डॉ. किशोर अरोड़ा ने कहा, “हमारा असली काम तब सफल होता है जब ऑपरेशन थिएटर के बाहर खड़ा परिवार सुकून की सांस ले सके। हम यहाँ इसलिए जुटे हैं ताकि यह पक्का कर सकें कि सर्जरी के दौरान हर मरीज के पास सबसे आधुनिक और सुरक्षित तकनीक मौजूद हो।”
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सिर्फ बेहोश नहीं करते, बल्कि वे ऑपरेशन के दौरान मरीज की हर धड़कन और हर सांस के रक्षक होते हैं।
आयोजन सचिव डॉ. मीनू चड्ढा ने बताया, “आज इंदौर में दुनिया के सबसे तेज़ और अनुभवी ‘दिमाग’ एक साथ हैं। ये डॉक्टर सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए काम कर रहे हैं। यहाँ से हमारे युवा डॉक्टर वो हुनर सीखकर निकलेंगे जो आने वाले समय में लाखों लोगों की जान बचाएगा।”
एकेडमिक चेयरपर्सन डॉ. साधना संवतसरकर ने कहा, “विज्ञान का असली फायदा तब है जब वह आम आदमी के काम आए। हम बड़ी-बड़ी रिसर्च को इतना सरल बना रहे हैं कि एक छोटे से क्लिनिक में भी मरीज को वर्ल्ड-क्लास सुरक्षा और देखभाल मिल सके।”
साइंटिफिक चेयरपर्सन डॉ. हर्षा फुलंबरीकर के अनुसार, “इंदौर में इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स का आना यहाँ के स्वास्थ्य जगत के लिए एक नई शुरुआत है। हम अपने डॉक्टरों को दुनिया की सबसे बेहतरीन जानकारी से लैस कर रहे हैं ताकि ऑपरेशन रूम में सुरक्षा का स्तर और भी ऊँचा हो जाए।”
वर्कशॉप चेयरपर्सन डॉ. विकास गुप्ता ने कहा, “हमारा मिशन है—हर नागरिक के लिए सुरक्षित सर्जरी। यहाँ डॉक्टर नई तकनीकें सीख रहे हैं ताकि वे किसी भी सर्जरी को आसान बना सकें। हम समाज को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि भविष्य में एनेस्थीसिया और भी सुरक्षित और भरोसेमंद होने वाला है।”
RSACPCON 2026, 12 अप्रैल तक चलेगा, जो चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा और सुरक्षा की एक नई मिसाल पेश करेगा।


