- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
मॉस्क लगाना न भूलें, कोविड प्रोटोकॉल का सभी पालन करें
मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में की अपील
इंदौर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार घटने के बावजूद मॉस्क लगाना न भूलें तथा कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के क्राईसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स के प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे.
इंदौर कमिश्नर कार्यालय के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्रा, डीआईजी ग्रामीण चन्द्रशेखर सोलंकी उपस्थित थे. इसके अलावा कलेक्ट्रेट के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में इस दौरान विधायक महेन्द्र हार्डिया, आकाश विजयवर्गीय, कलेक्टर मनीष सिंह, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता व डॉ. राजेश सोनकर तथा इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि ग्रामीण,विकासखण्ड स्तरीय व जिला स्तरीय क्राईसिस मैनेजमेंट कमेटी के प्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे अपने-अपने स्तर पर नागरिकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रेरित करते रहें. उन्होंने कमेटी प्रतिनिधियों से कहा कि वे नागरिकों को वैक्सीनेशन के लिये भी प्रेरित करें. प्रदेश में किल कोरोना अभियान आगे भी जारी रहेगा.
सांसद व विधायक संदेश प्रसारित कराएं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी सांसदों व विधायकों से कहा कि वे अपने ऑडियो-वीडियो संदेश तैयार कराकर ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से प्रसारित करायें और लोगों को मॉस्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिये प्रेरित करते रहें. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में सुनिश्चित करें कि निजी स्कूल संचालकों द्वारा विद्यार्थियों के पालकों से शिक्षण शुल्क के अलावा कोई शुल्क न लिया जाये तथा शिक्षण शुक्ल में कोई वृद्धि न हो.


