- रोटरी क्लब ऑफ इंदौर प्रोफेशनल्स ने स्कूल की बच्चियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण करवाया।
- इंदौर पुलिस और एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल की संयुक्त पहल हजारों लोगों को तंबाकू और कैंसर के प्रति किया जागरूक
- Renowned Actors Sunny Deol, Preity Zinta, and Karan Deol Made Freshman Induction 2026 a Star-Studded Welcome for LPU Freshers
- “Advertising Ushered In A New-Age Sensibility to Films” - Farhan Akhtar on the stylized slick of ‘Dil Chahta Hai’.
- ‘हर कोई लव ट्रायंगल करना चाहता था’, ‘दिल चाहता है’ की कास्टिंग को लेकर फरहान अख्तर ने बताई पूरी कहानी
इंदौर में कोरोना मरीजों की पहचान के लिये पुन: शुरू होगा घर-घर सर्वे
*संभागायुक्त ने किया विभिन्न कन्ट्रोल रूमों का निरीक्षण*
इंदौर. संभागायुक्त डॉ.पवन कुमार शर्मा ने निर्देश दिये हैं कि कोरोना मरीजों की पहचान के लिये इंदौर जिले में घर-घर जाकर पुन: सर्वे शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने निर्देश दिये कि सभी काँटेक्ट पर्सन जो हाई रिस्क और लो-रिस्क के हैं, उन सभी का सेम्पल अनिवार्य रुप से लिया जाये। नये कोरोना मरीजों की पहचान के लिये सेम्पल लेने की संख्या और बढ़ायी जाये।
डॉ. पवन कुमार शर्मा आज यहाँ एसजीएसटीआईएस में स्थापित कोरोना के एकीकृत कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण कर रहे थे। इस अवसर पर उपायुक्त राजस्व श्रीमती सपना सोलंकी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहन सक्सेना, नगर निगम के अपर आयुक्त श्री चेतन्य कृष्ण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त डॉ.शर्मा ने एसजीएसटीआईएस में बनाये गये होम आईसोलेशन, काँन्टेक्ट पर्सन के फॉलोअप,कोरन्टाईन तथा सर्वे संबंधी कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपरोक्त कन्ट्रोल रूम की कार्यप्रणाली को देखा। होम आईसोलेट किये गये कोरोना मरीजों से समक्ष में चर्चा करवा कर फॉलोअप की जानकारी ली।
इस अवसर पर बताया गया कि होम आईसोलेशन किये गये कोरोना पॉजिटिव मरीजों के निरंतर फॉलोअप और उपचार के लिये कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। इस कन्ट्रोल रूम से प्रत्येक चार घण्टे में कोरोना पॉजिटिव मरीजों से वीडियो कॉलिंग तथा दूरभाष पर चर्चा कर फॉलोअप लिया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उपस्थित डॉक्टर उन्हें उपचार संबंधी परामर्श देते हैं।
उनका प्रत्येक चार घण्टे में एप के माध्यम से तापमान और ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल तथा पल्सरेट की जानकारी रखी जाती है। इसी तरह उन्होंने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के काँन्टेक्ट पर्सन के निरंतर फॉलोअप के लिये बनाये गये कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया। यहाँ उन्होंने काँन्टेक्ट पर्सन तथा इनमें से निकले हाई रिस्क और लो-रिस्क पर्सन के संबंध में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि सभी काँन्टेक्ट पर्सन चाहे वह हाई रिस्क हो या लो-रिस्क सभी का सेम्पल अनिवार्य रुप से लिया जाये। इसके पश्चात उन्होंने सर्वे के लिये बनाये गये कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस अवसर पर बताया गया कि इंदौर में 1856 सर्वे दल गठित किये गये। इन दलों द्वारा जिले के सभी 7 लाख 26 हजार से अधिक परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति का सर्वे कर लिया गया। कई बार इनका फॉलोअप भी लिया गया।
संभागायुक्त डॉ.पवन कुमार शर्मा ने सराहना करते हुये कहा कि इंदौर में निश्चित ही बेहतर काम हुआ है। भविष्य को देखते हुये और अधिक प्रभावी रूप से कार्य करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों की पहचान के लिये पुन: सर्वे शुरू किया जाये। यह सर्वे घर-घर जाकर हो। सर्वे के लिये आँगनवाड़ी केन्द्रों को ईकाई बनाया जा सकता है।


