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ईडीआईआई द्वारा एआईसीटीई और एमआईसी के ‘आईडीई बूटकैंप 2026’ के तीसरे संस्करण का आयोजन
अहमदाबाद, 6 अप्रैल, 2026: पूरे भारत में छात्रों के बीच नवाचार, डिज़ाइन थिंकिंग और उद्यमिता क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद द्वारा ‘नवाचार, डिज़ाइन और उद्यमिता’ (आईडीई) पर आधारित बूटकैंप का तीसरा संस्करण 6 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 के दौरान आयोजित किया जा रहा है। इस बूटकैंप का आयोजन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ (एमआईसी) द्वारा किया जा रहा है। यह बूटकैंप वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें एसबीआई फाउंडेशन संगठन साझेदार के रूप में समर्थन प्रदान कर रहा है।
बूटकैंप का उद्घाटन सत्र 6 अप्रैल, 2026 को आयोजित किया गया। इस उद्घाटन समारोह की शोभा मुख्य अतिथि डॉ. सुनील शुक्ला, महानिदेशक, ईडीआईआई ने बढ़ाई। इस अवसर पर श्री मितेश वाधेर, सेंटर इंचार्ज एवं नवाचार फेलो, अहमदाबाद इंडोवेशन सेंटर, नवाचार प्रकोष्ठ, एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार; डॉ. शीनू जैन, मास्टर ट्रेनर, वाधवानी फाउंडेशन; डॉ. काव्या सैनी, मास्टर ट्रेनर, वाधवानी फाउंडेशन और डॉ. सत्य रंजन आचार्य, निदेशक, उद्यमिता शिक्षा विभाग, ईडीआईआई भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र में 14 राज्यों के उच्च शिक्षण संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हुए 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिसमें जम्मू और कश्मीर भी शामिल था। इससे भौगोलिक रूप से विविध क्षेत्रों, विशेषकर टियर-II और टियर-III शहरों से समावेशी भागीदारी सुनिश्चित हुई।
छात्रों को उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा, “उद्यमिता एक सोच और जीवन कौशल है। पिछले लगभग एक दशक में इस क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और छात्रों की रुचि भी लगातार बढ़ी है। उद्यमिता में सफलता और असफलता दोनों ही सीख देती हैं। छात्रों को उन क्षमताओं को समझने की गहरी समझ विकसित करनी चाहिए जो एक सफल उद्यमी बनाती हैं। मैं सभी छात्रों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने संकाय मार्गदर्शकों के साथ-साथ अपने सहपाठियों से भी सक्रिय रूप से सीखें।”
इस पहल के व्यापक स्तर और प्रभाव को रेखांकित करते हुए श्री मितेश वाधेर ने कहा, “आईडीई बूटकैंप के पहले दो संस्करणों के माध्यम से भारत के 46 स्थानों पर 10,000 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया है। यह पाँच दिवसीय बूटकैंप अब 30 स्थानों पर तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिससे व्यापक पहुँच और क्षेत्रीय विविधता सुनिश्चित होगी। इस पहल की थीम हमारे इस विश्वास को दर्शाती है कि डिज़ाइन विकास का एक शक्तिशाली माध्यम बन सकता है। वर्ष 2023 में माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम तब से पूरे देश में महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा कर चुका है।”
इस बूटकैंप में लगभग 6,500 छात्रों की भागीदारी देखने को मिल रही है, जिनमें मुख्य रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों की टीमें शामिल हैं। इनमें स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) के प्रतिभागी और विजेता, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) से जुड़े संस्थान, तथा ऐसे छात्र शामिल हैं जिनके पास नवाचारी विचार या प्रोटोटाइप हैं और जिन्हें डिज़ाइन में सुधार, एर्गोनॉमिक्स बेहतर बनाने तथा निवेश के लिए तैयार प्रस्तुति (पिचिंग) हेतु मार्गदर्शन की आवश्यकता है। बूटकैंप के दौरान संकाय मार्गदर्शक छात्र टीमों के साथ रहेंगे और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
आईडीई बूटकैंप एक ऐसी पहल है जिसकी कल्पना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य छात्र नवोन्मेषकों में नवाचार, डिज़ाइन और उद्यमिता कौशल को विकसित करना है। इस कार्यक्रम को सावधानीपूर्वक इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को आज के तेज़ी से बदलते और प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक माहौल में आवश्यक महत्वपूर्ण कौशल और अनुकूल सोच विकसित करने में मदद मिल सके।
रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने पर केंद्रित यह बूटकैंप छात्रों और संकाय सदस्यों को समस्या समाधान के नए तरीकों को खोजने के लिए प्रेरित करता है। वास्तविक जीवन की चुनौतियों का अनुभव, व्यावहारिक गतिविधियों और सहयोगात्मक सीख के माध्यम से प्रतिभागियों को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे आत्मविश्वास के साथ नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की जटिलताओं को समझ सकें और उनका सामना कर सकें।
आईडीई बूटकैंप का उद्देश्य एक प्रेरणादायक और अनुभवात्मक वातावरण तैयार करना है, जहाँ छात्र और संकाय सदस्य भविष्य के लिए तैयार नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरें। लचीलापन, रचनात्मकता और उद्यमशील भावना को विकसित करते हुए यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को प्रभावशाली समाधान विकसित करने और व्यवसाय, प्रौद्योगिकी तथा समाज में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाता है।
इस बूटकैंप में स्टार्टअप संस्थापकों, इन्क्यूबेशन लीडर्स और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा सत्र भी शामिल हैं, जो पाँचवें दिन होने वाले अंतिम पिचिंग सत्र के दौरान जूरी पैनल का हिस्सा भी होंगे। भाग लेने वाली टीमें अपने परिष्कृत विचार प्रस्तुत करेंगी और प्रत्येक स्थान पर शीर्ष 5 टीमों को प्रशंसा प्रमाणपत्र और गैर-आर्थिक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
• दिन 4: नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और सांस्कृतिक स्थलों के स्थानीय अध्ययन दौरे
• दिन 5: अनुदान, वित्तीय अवसरों और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर सत्र
आईडीई बूटकैंप के पहले दो संस्करणों की सफलता के बाद, कई प्रतिभागियों ने स्टार्टअप शुरू किए हैं, अपने उत्पादों में सुधार किया है और विभिन्न क्षेत्रों एवं मंत्रालयों में वास्तविक परिस्थितियों में नवाचारी समाधान लागू किए हैं।


