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मानव रचना में आयोजित MoSPI-AICTE के स्टैटाथॉन 2025–26 ग्रैंड फिनाले में पांच टीमों को मिला ₹1 लाख का पुरस्कार
टीम एयरावत (Airavata), क्रिप्टोस (Kryptos), हैकट्रो ट्रिक्स (Hacktro Tricks), आउटलायर कोडर्स (Outlier Coders) और नेक्सोरा (Nexora) बने विजेता
फरीदाबाद, 19 जून 2026: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI), भारत सरकार द्वारा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के सहयोग से आयोजित स्टैटाथॉन 2025–26 के ग्रैंड फिनाले में पांच टीमों को उनकी अभिनव तकनीकी समाधानों के लिए ₹1 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। टीम एयरावत (Airavata), टीम क्रिप्टोस (Kryptos), टीम हैकट्रो ट्रिक्स (Hacktro Tricks), टीम आउटलायर कोडर्स (Outlier Coders) तथा टीम नेक्सोरा (Nexora) ने विभिन्न चुनौती श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले मानव रचना अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान एवं अध्ययन संस्थान (MRIIRS), फरीदाबाद में आयोजित किया गया, जिसे इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी के लिए देश का एकमात्र संस्थान चुना गया था।
इस वर्ष स्टैटाथॉन को देशभर के विद्यार्थियों से व्यापक प्रतिसाद प्राप्त हुआ और 5,300 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत 25 टीमों का चयन 36 घंटे के ग्रैंड फिनाले के लिए किया गया, जहां प्रतिभागियों ने भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा विज्ञान, एनालिटिक्स एवं ऑटोमेशन आधारित समाधान विकसित किए।
डेटा सिक्योरिटी एवं कंप्लायंस श्रेणी में टीम एयरावत (Airavata) ने “एनएसएस (NSS) के यूनिट-स्तरीय डेटा के लिए अपनाई गई डेटा एन्क्रिप्शन/एनोनिमाइजेशन प्रणाली की प्रभावशीलता का मूल्यांकन तथा बेहतर सेफ डेटा टूल के विकास” विषय पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रेनॉक्स (Renox) उपविजेता रही।
डेटा डिसेमिनेशन श्रेणी में क्रिप्टोस (Kryptos) ने “सर्वे डाटासेट्स पर SQL क्वेरी चलाने एवं परिणामों को JSON जैसे उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रारूप में उपलब्ध कराने हेतु API गेटवे विकसित करने” की चुनौती में प्रथम स्थान प्राप्त किया। द मिसिंग सेमीकोलन (The Missing Semicolon) उपविजेता घोषित हुई।
डेटा कलेक्शन श्रेणी में हैकट्रो ट्रिक्स (Hacktro Tricks) ने “सर्वे डेटा संग्रहण के लिए AI-संचालित स्मार्ट सर्वे टूल” विकसित कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि जेंथिक इको (Zenthic Echo) उपविजेता रही।
डेटा प्रोसेसिंग एवं एनालिसिस श्रेणी में आउटलायर कोडर्स (Outlier Coders) ने “डेटा तैयारी, अनुमान एवं रिपोर्ट लेखन के स्वचालन हेतु AI-सक्षम एप्लिकेशन” विकसित कर जीत हासिल की। डायनामाइट (Dynamite) को उपविजेता घोषित किया गया।
वहीं डेटा कलेक्शन एवं प्रोसेसिंग श्रेणी में नेक्सोरा (Nexora) ने “नेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ ऑक्युपेशन (NCO) के लिए AI-सक्षम सिमेंटिक सर्च” समाधान के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया। राइजिंग फीनिक्स (Rising Phoenix) तथा अमृत काल चैंपियंस (Amrit Kaal Champions) संयुक्त रूप से उपविजेता रहे।
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रत्येक टीम को ₹1 लाख तथा उपविजेता टीमों को ₹50,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। प्रतिभागियों के समाधानों का मूल्यांकन सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों एवं विषय विशेषज्ञों की जूरी द्वारा नवाचार, तकनीकी व्यवहार्यता, विस्तार क्षमता तथा प्रशासनिक प्रभाव जैसे मानकों पर किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए श्री कनीष्क कांत श्रीवास्तव, निदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI), भारत सरकार, ने कहा, “मंत्रालय द्वारा निर्धारित पांचों समस्या-वक्तव्य आधिकारिक सांख्यिकीय प्रणाली के समक्ष मौजूद वास्तविक चुनौतियों पर आधारित थे। यह देखकर उत्साहवर्धक लगा कि विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग कर व्यावहारिक एवं नवाचारी समाधान विकसित किए। मैं विजेता टीमों को बधाई देता हूं और सभी प्रतिभागियों को आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करता हूं, क्योंकि प्रत्येक अनुभव भविष्य की सफलता और नवाचार की दिशा में योगदान देता है।”
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), MoSPI के उप महानिदेशक श्री सौम्य चक्रवर्ती ने कहा, “प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित उत्साह, तकनीकी दक्षता और प्रतिबद्धता वास्तव में प्रभावशाली रही। विशेष रूप से यह देखकर प्रसन्नता हुई कि टीमों ने प्राप्त सुझावों को अपनाते हुए अपने समाधानों को लगातार बेहतर बनाया। भले ही कुछ टीमों को ट्रॉफी मिली हो, लेकिन हमारे लिए इस चरण तक पहुंचने वाली हर टीम विजेता है। वास्तविक सांख्यिकीय चुनौतियों के लिए विकसित ये समाधान आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।”
डॉ. नरेश ग्रोवर, प्रो-वाइस चांसलर, मानव रचना अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान एवं अध्ययन संस्थान (MRIIRS), फरीदाबाद, ने कहा, “पिछले दो दिनों में स्टैटाथॉन 2025–26 ने यह प्रदर्शित किया है कि डेटा एनालिटिक्स और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की क्षमता वास्तविक चुनौतियों के समाधान में कितनी महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों का उत्साह, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण आज की डेटा-आधारित दुनिया में सांख्यिकीय सोच के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। यह केवल एक हैकाथॉन नहीं, बल्कि सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग और युवा नवप्रवर्तकों के सहयोग का उत्सव रहा है।”
स्टैटाथॉन 2025–26 का उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर सार्वजनिक क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस पहल ने नीति-निर्माताओं, सांख्यिकीविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत और युवा नवप्रवर्तकों को एक मंच पर लाकर यह प्रदर्शित किया कि डेटा-आधारित नवाचार किस प्रकार बेहतर शासन, साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया तथा भारत की सांख्यिकीय प्रणाली को और अधिक सशक्त बना सकता है।


