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सुखद खबर – एक साथ 35 मरीज हुए स्वस्थ, सकुशल पहुंचे अपने घरों को
नागरिकों से की मार्मिक अपील – जिंदगी की कीमत समझो, लॉकडाउन का पूरा पालन करो बीमारी से भागो मत, सामना करो, डरो मत, इलाज लो और स्वस्थ हो
इंदौर. इंदौर में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों के उपचार के पश्चात स्वस्थ होकर उनके घर लौटने का सिलसिला जारी है। इसी सिलसिले में जहाँ एक ओर आज सुबह चार मरीज एमआरटीबी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं, वहीं दूसरी ओर आज रात को ही 31 मरीज एक साथ अरविंदो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुए। यह इंदौर जिले के लिये एक सुखद खबर है कि एक साथ इतने मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों की ओर रवाना हुए।
संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया है कि इंदौर में कोरोना मरीज़ों के उपचार की उम्दा व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। आज अरविंदो हास्पिटल से एक साथ 31 मरीज़ों को स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किया गया। सुबह एमआरटीबी हॉस्पिटल से चार मरीज डिस्चार्ज किये गये।
आज अरविन्दो अस्पताल से जो मरीज डिस्चार्ज हुए उनमें आरिफ खान, अब्दुल रशीद, धर्मेश, फैजान खान, मो. युनूस, मो. तारिफ खान, देवेन्द्र हीरालाल, जमील अहमद, जीनत सरफराज, मो. मोइनुद्दीन, मो. इलियाज, मुमताज, नफीस खान, निर्मला वालेचा, शबीना बानो, सेजल गुप्ता, तंजीम खान, उज्मा नागोरी, विजय मारोठिया, युवराज जैन, इम्तियाज इब्राहिम, प्रेमलाल, शुभंकर, तबस्सुम बी, तबस्सुम बी अमजद, दुर्गेश नाईक, फैज मोहम्मद, गीता सिंह, हीना सरफराज, मस्त मूसा तथा मो. शाहिद शामिल हैं।
मजाक मत समझो, प्लीज घरों में रहो, शासन-प्रशासन जो कह रहा है उसे मानो, परिवार के साथ रहोगे तो दुनिया बहुत खुबसूरत है आज स्वस्थ होकर अपने घर को लौट रही तंजीम खान ने बहुत ही मार्मिक अपील करते हुये लोगों से कहा कि मजाक मत समझो, प्लीज घरों में रहो, शासन-प्रशासन जो कह रहा है उसे मानो। परिवार के साथ रहो, परिवार के साथ रहेंगे तो दुनिया बहुत खुबसूरत होगी। उसने बताया कि वह आज कोरोना को परास्त कर घर को लौट रही है, फिर भी उसे पूर्ण खुशी नहीं है क्योंकि उसकी 9 साल की बच्ची अभी भी अस्पताल में कोरोना का इलाज ले रही है। उसने सभी से कहा कि उसकी बच्ची की सलामती के लिये दुआएं करें।
तंजीम खान ने बताया कि सबसे पहले उसके पति को कोरोना का पता चला। इसके बाद कुल 17 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये। जिसमें से 14 लोग स्वस्थ होकर आज घर जा रहे हैं। इसमें उसकी 9 साल की बच्ची भी शामिल है। उम्दा इलाज से हुई स्वस्थ उजमा नागोरी जो कि रानीपुरा की रहने वाली है, वह भी आज स्वस्थ होकर घर को लौट गई है। उसने कहा कि वह 17 दिन से हॉस्पिटल में थी। सबने बहुत सहयोग किया। उम्दा इलाज किया। इसके फलस्वरूप मैं स्वस्थ हो गई हूं। उसने सभी से अपील की कि अपना ध्यान रखें और घरों में ही रहें।
जिंदगी की कीमत समझो, लॉकडाउन का पूरा पालन करो रानीपुरा के रहने वाले जमील अहमद अंसारी का कहना है कि बीमारी को छुपाओ मत, समझो और इलाज कराओ, स्वस्थ हो जाओगे। उसने बताया कि उसे कोरोना के लक्षण दिखायी दिये तो वह स्वयं ही एमवाय अस्पताल पहुंच गया। समय पर मैंने डॉक्टरों को बता दिया। डॉक्टरों ने मेरा परीक्षण किया और सेम्पल लिया। सेम्पल की जाँच करायी। पॉजिटिव आने के पश्चात अरविंदो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बहुत मेहनत की है। उसने कहा कि जिंदगी की कीमत समझो, लॉकडाउन का पूरा पालन करो।
खजराना में रहने वाले फैजान खान आज बहुत खुश हैं। उसने कहा कि मैं स्वस्थ होकर घर जा रहा हूं। शासन-प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने बेहतर व्यवस्थाएं की। मैं और मेरा परिवार यहां पर कोरोना का इलाज ले रहा था। आज वह सभी स्वस्थ हैं। बच्चों को भी यहां भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने बच्चों का भी पूरा ध्यान रखा। उन्होंने समय-समय पर दूध भी दिया। बीमारी से भागो मत, सामना करो, डरो मत, इलाज लो और स्वस्थ हो उक्त आशय के विचार भी अन्य मरीजों ने भी व्यक्त किये, जो स्वस्थ होकर घर पहुंच रहे हैं।
खजराना की तंजीम नगर में रहने वाली शबीना बानो ने बताया कि उसे 20 दिन पहले ही बीमारी का पता चला। मैंने समय रहते बताया, इलाज लिया और आज मैं स्वस्थ हूं। शबीना बानो ने कहा कि इस बीमारी से भागो मत, सामना करो, डरो मत, सरकार, डॉक्टर, पुलिस आदि को सहयोग करो। अरविन्दो हॉस्पिटल में आज उत्साह का माहौल था। वहां तालियों की गूंज सुनायी दे रही थी, जब मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट रहे थे। सेवा करने वाले स्टॉफ और स्वस्थ होने वाले मरीज दोनों ने तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया।


