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भविष्य में इंटरनेट ऑफ थिंग्स स्मार्ट सिटी की रीढ़ की हड्डी होगी
आईआईएसटी कॉलेज में आईओटी लेब शुरु
इंदौर. भविष्य में रोजमर्रा की जिन्दगी में गुणवत्ता बढ़ाने के लिये इंटरनेट ऑफ थिंग्स बेस्ड साल्यूशन की भूमिका अहम होगी. इंटरनेट ऑफ थिंग्स स्मार्ट सिटी की रीढ़ की हड्डी होगी जो कि मानवीय हस्तक्षेप को कम करके शहरों को 24 घंटे व्यवस्थित करने में सहायक होगी. साथ ही शहर के प्रबंधन अधिकारियों को सही समय पर सही सूचना देकर उचित कार्यवाही करने में सहायता प्रदान करेगी.
यह बात आईआईएसीटी के डीन एकेडेमिक एंड रिसर्च डॉ रघुवीर ने कही. सोमवार को आईआईएसटी की रिसर्च एण्ड डेवलपमेन्ट सेल की स्टेट ऑफ प्रयोगशाला इंटरनेट ऑफ थिंग्स का शुभारंभ डायरेक्टर जनरल अरूण एस. भटनागर और डॉ. रघुवीर (कार्यवाहक प्राचार्य) व डीन एकेडेमिक एण्ड रिसर्च द्वारा किया गया. यह प्रयोगशाला इंटरनेट ऑफ थिंग्स स्मार्ट सिटी एप्लीकेशन पर कार्य करेगी.
डॉ. रघुवीर ने आगे बताया कि आईआईएसटी, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के लिए तत्पर एवं प्रयासरत है जिसमें विशेषत: स्मार्ट पार्किंग, ऑटोमेटेड सर्वेलांस, गार्बेज(कचरा) प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य सम्बंधी सेवायें, आपातकाल प्रबंधन तथा पर्यावरण जैसी व्यवस्थाओं को प्रयोगषाला के माध्यम से कुशलता पूर्वक संचालित करना हैं ,
विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अभियान में पर्यावरण सुरक्षा के तहत आई आई एस टी के प्रांगण में पर्यावरण सरंक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंजिनियरिंग एवं फार्मेसी नवागत् छात्रों द्वारा पौधारोपण ”ग्रीन वेवस क्लब के तत्वावधान में किया गया. संस्था के डायरेक्टर जनरल अरूण एस भटनागर ने नवागत् छात्रों को पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन का महत्व बताते हुए ‘ग्रीन वेवस इनिशिएटिव के उद्देष्शें जैसे प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्णत: रोक, ऑर्गेनिक फार्मिंग तथा एग्रोफोरेस्टी को सविस्तार समझाया. इस अवसर पर 200 से अधिक पर्यावरण उपयोगी एवं औषधिय महत्व के पौधे लगाए गये जिन्हे सम्भालने का दायित्व ग्रीन वेवस क्लब के माध्यम से छात्रों द्वारा ही किया जायेगा.


