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इंदौर पुलिस ने की निराश्रित मानसिक दिव्यांग महिला की मदद
निराश्रित महिला का पुनर्वास कर, पहुचाया उसे सेवा आश्रम
इन्दौर. इंदौर पुलिस ने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए अपना मानवीय पहलू दिखाया. निराश्रित महिला का पुनर्वास कर उसे सेवा आश्रम पहुंचाया.
दरअसल पिछले कुछ समय से डीआईजी ऑफिस रीगल चौराहे के आसपास एक मानसिक दिव्यांग महिला निराश्रित रूप से रह रही थी. उक्त महिला के पुनर्वास व उसके परिजनों आदि की जानकारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मनीषा पाठक सोनी द्वारा थाना प्रभारी छोटी ग्वालटोली को निर्देशित किया गया था जिस पर थाना प्रभारी छोटी ग्वालटोली द्वारा उप निरीक्षक टीना शुक्ला को इस संबंध में कार्यवाही के लिए लगाया गया था।
उक्त महिला के पुनर्वास के संबंध में उप निरीक्षक टीना शुक्ला व प्रधान आरक्षक सपना सोनसले ने उक्त महिला से धीरे-धीरे पहचान बढ़ाई. इस पर उक्त दिव्यांग महिला ने अपना नाम रानी पति ज्ञानचंद बताया और कहा कि पहले वह नारी निकेतन उज्जैन में रही थी, जहां उसका अपेडिक्स का ऑपरेशन हुआ था. इस पर उपनिरीक्षक टीना द्वारा नारी निकेतन उज्जैन से उक्त महिला के संबंध में संपर्क किया. जानकारी निकाली तो पता चला कि वह हाटपिपल्या चापड़ा के पास मिशन अस्पताल पर कहीं रहती थी, उसके पति का नाम ज्ञानचंद, ससुर का नाम ठाकुर प्यारेलाल, उसके दो बेटे दीपक व मोहित नाम के है.
उक्त महिला रानी को उज्जैन के नारी निकेतन में रखने के लिये संपर्क करने पर, उन्होने कहा कि वे उज्जैन संभाग की महिलाओं को ही रखते है. अतः उसके लिये इन्दौर में ही कही व्यवस्था की जाए. उप निरीक्षक टीना द्वारा उक्त महिला के पुनर्वास हेतु इन्दौर के कई आश्रमों में संपर्क करने पर, सामाजिक कार्यकर्ता यश पाराशर ने उक्त मानसिक दिव्यांग महिला को निराश्रित सेवा आश्रम एरोड्रम पर उनके रहने की व्यवस्था करवाई गयी. महिला रानी अब उसके जैसे ही लोगों के बीच रहकर खुशी से रह रही है. पुलिस द्वारा उक्त महिला के परिवारजन का पता लगाकर उनसे संपर्क करने का प्रयास भी किया जा रहा है.


