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परिचय सम्मेलन और स्नेह मिलन के आयोजन समाजको नई ताकत, ऊर्जा और चेतना देते हैं – पं. पचोरी
श्री सनाढ्य ब्राह्मण समाज के अ.भा. परिचय सम्मेलन में 600 प्रत्याशियों ने दिए मंच से परिचय–दिनभर चला परिचय का दौर, 15 रिश्ते हुए तय, इतने ही रिश्तों पर चर्चा का दौर शुरू
इंदौर, 29 मार्च। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचोरी ने कहा है कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाना है तो ब्राह्मणत्व को बढ़ावा देना होगा। हम यदि संगठित होकर काम करेंगे तो अपनी प्रतिभा के दम पर हमें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। विवाह की उम्र धीरे-धीरे आगे खिसकती जा रही है। इस तरह के परिचय सम्मेलन और स्नेह मिलन के आयोजन समाज को नई ताकत और ऊर्जा-चेतना देते हैं। ऐसे सम्मेलन हर जिले, शहर और कस्बे में भी होना चाहिए। आज के युग में श्रेष्ठ जीवनसाथी की तलाश करना पालकों के लिए सबसे जटिल समस्या बन गया है।
पं. पचोरी रविवार को राजीव गाँधी चौराहा स्थित शुभ कारज गार्डन पर आयोजित श्री सनाढ्य ब्राह्मण समाज के अ.भा. परिचय सम्मेलन एवं स्नेह मिलन समारोह का शुभारभ कर रहे थे। पूर्व विधायक पं. संजय शुक्ला, परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पं. विष्णु राजोरिया, मप्र सनाढ्य सभा के अध्यक्ष पं. रामबाबू शर्मा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सनाढ्य समाज के प्रतिनिधि भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे जिन्होंने पीताम्बर पीठ के पुजारी पंकजदास महाराज के सानिध्य में भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर परिचय सम्मेलन का शुभारभ किया। प्रारम्भ में तनिष्का शर्मा ने गणेश वन्दना प्रस्तुत की।
अतिथियों का स्वागत परिचय सम्मेलन के अध्यक्ष पं. पप्पू शर्मा, सनाढ्य ब्राहमण समाज के अध्यक्ष पं. देवेन्द्र शर्मा, महामंत्री संजय जारोलिया, पं. भगवती शर्मा, पं. अनिल शर्मा, पं. दीपक शर्मा, संजय बिरथरे, किशोर शुक्ला, दीपक बिरथरे एवं मातृशक्ति की ओर से सुधा वशिष्ठ, मीता क्षोत्रिय, पूर्णिमा शर्मा, नीति दुबोलिया, ममता उपमन्यु आदि ने किया। सनाढ्य संसार परिचय पुस्तिका का लोकार्पण अतिथियों के साथ संयोजक शिवनारायण शर्मा, अवधकिशोर शर्मा, श्यामाचरण तिवारी, जगदीश तिवारी, नरेन्द्र तिवारी, कैलाशचंद्र बिरथरे आदि ने किया।
सम्मेलन में शाम ढलते-ढलते करीब 15 रिश्तों पर दोनों पक्षों के बीच मंत्रणा का दौर शुरू हो गया था। इतने ही रिश्तों पर दोनों पक्षों की सहमति भी बन गई। सम्मेलन में उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ एवं प्रदेश के अन्य जिलों के प्रत्याशी भी आए थे।
सम्मेलन में करीब 1500 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई थीं, इनमें से 600 ने मंच पर पहुंचकर बेबाकी से अपने परिचय दिए और भावी जीवनसाथी के बारे में अपनी जरूरतें बताई। अनेक प्रत्याशियों की ओर से उनके माता, पिता, भाई और अन्य रिश्तेदारों ने भी मंच पर आकर अपनी बात रखी। पहली प्रत्याशी के रूप में रितु दुबे ने अपना परिचय दिया जो देवी अहिल्या विवि से पीएचडी की तैयारी कर रही हैं। इसके बाद तो लगातार प्रत्याशी आते गए और परिचय देते रहे। अधिकांश प्रत्याशियों ने जय परशुराम का जयकारा लगाकर परिचय दिए। कुछ ने स्वस्ति वाचन और मंत्रोच्चार तथा गणेश वन्दना के साथ परिचय दिए। मंच का संचालन वर्षा पाराशर ने किया। आभार माना सभा के अध्यक्ष पं. देवेन्द्र शर्मा और महामंत्री संजय जारोलिया ने। सम्मेलन स्थल पर बाहर से आने वाले बंधुओं के लिए चाय, स्वल्पाहार, भोजन एवं पूछताछ कार्यालय, कुंडली मिलान सहित अनेक कक्ष भी बनाए गए थे।


