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रीगल तिराहरे पर लहराया विशाल तिरंगा
इंदौर. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अपना समूह तिरंगा अभियान समिति ने गणतंत्र दिवस पर मानक स्तर का देश का सबसे विशाल तिरंगा रीगल चौराहे पर फहराया. 14 & 21 फिट के इस विशाल ध्वज को 90 फिट ऊँचे पोल पर सर्जीकल स्ट्राइक के वीर योद्धा लांस नायक संदीप सिंह के 5 वर्षीय बेटे अविनव सिंह, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गुरप्रीत कौर व माता जी श्रीमती कुलविंदर कौर जी ने फहराया.
भारत माता की जय, शहीद संदीप सिंह अमर रहे के नारों से इंदौर गूंज उठा।नायक संदीप सिंह अदम्य साहस और वीरता का वो नाम है जिसकी गाथा देश के प्रत्येक नागरिक को देश प्रेम, देश सर्वोपरि के जुनून से भर देती है. लांस नायक संदीप सिंह पाकिस्तान के खिलाफ साल 2016 में हुई भारत का गौरव बढ़ाने वाली सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली टीम का हिस्सा थे.
इस दौरान भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स ने पीओके में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर कई आतंकियों को ढेर कर दिया था. सर्जिकल स्ट्राइक उरी में हुए आंतकी हमले के विरोध में की गई थी. अपना समूह तिरंगा अभियान समिति द्वारा आयोजित इस मौके पर शहर के युवा वर्ग के साथ ही गणमान्य नागरिक विशेष रूप से सम्मिलित हुए.
ध्वजा रोहन के बाद शहीद संदीप सिंह के परिजनों को साहस को सलाम सम्मान के स्मृति चिन्ह के साथ एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया . इंदौर के गणमान्य नागरिकों की मोजूदगी में ध्वजारोहण सम्पन्न हुआ. अपना समूह तिरंगा अभियान के अध्यक्ष प्रकाश राठौर ने उपस्थित लोगो का आभार प्रकट किया और युवाओ को प्रोत्साहित किया और कहा की आज के युवा और आगे आये और देश भक्ति की भावना का परिचय दे.
असली मजा फौज में है…लांस नायक संदीप सिंह की धर्मपत्नी गुरप्रीत कौर ने कहा कि इंदौर में पहली बार आई हूं, अक्सर नाम सुनती और इंदौर के बारे में अखबारों में पढ़ती थी, आज यह आकर महसूस हुआ कि वास्तव में इंदौर जिंदादिल इंसानों का शहर है ,आज यहां संदीप साथ होते तो बात ही कुछ और होती. उनकी तस्वीर को देखती हूं तो आंख भर आती है और आप लोगों का जुनून ओर देश भक्ति देखती हूं तो गर्व होता है कि में उस वीरे की पत्नी हूँ जो बहादुरीऔर हिम्मत का दूसरा नाम है, बस अब एक ही सपना है कि इंडियन आर्मी में जाबांज संदीप की जगह उसके बेटे को को पहुंचा सकूं.
इस मंच से आज में सभी नौजवानों को कहना चाहूंगी कि सिर्फ मोबाइल पर देशभक्ति का मैसेज पोस्ट करना देश भक्ति नहीं है, देश भक्ति का असली मज़ा इंडियन आर्मी में है ,लेकिन आजकल के नौजवान ऐसी नौकरी की तलाश में होते है जहां अच्छा पैसा और सुख सुविधाएं मिले. उधर आर्मी में भर्ती होने के लिए सरकार को अखबारों में विज्ञापन निकालने पड़ते है, जिंदगी का असली मजा तो फ़ौज में है ,मातृभूमि के लिए लडऩे में है। यही असली देशभक्ति है मुझे गर्व है जांबाज संदीप की पत्नी होने का ,आप लोगों ने आज जिस जोश के साथ संदीप की शहादत को सलाम किया.चित्र- अपना समूह के नाम सेदो हैं….


