- This independence day, india is celebrating the heroes of operation safed sagar
- डी बीयर्स साइटहोल्डर अंकित जेम्स ने ‘Eyora Jewels’ के साथ रिटेल सेक्टर में किया प्रवेश
- Back to Class! Prime Video Announces Seasons 2 and 3 of Fan-Favorite Adarsh Baal Vidyalaya
- इस स्वतंत्रता दिवस पर केनस्टार लेकर आया ‘नो फोन ऑवर 2.0’, पिछले साल से 3 गुना अधिक भागीदारी का लक्ष्य
- ऑपरेशन सफेद सागर की सफलता के बीच दीया मिर्ज़ा ने बताया, उनके लिए देशभक्ति के क्या मायने हैं
मेदांता अस्पताल इंदौर ने रचा कीर्तिमान, तीन माह में 100 ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी पूरी
इंदौर, दिसंबर 2025। मेदांता अस्पताल इंदौर ने हड्डी रोग उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मात्र तीन माह में 100 ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि इन सर्जरी में कई डिफिकल्ट और हाई-रिस्क केस शामिल थे, जिन्हें आधुनिक तकनीक और अनुभवी मेडिकल टीम की मदद से सफल बनाया गया।
मेदांता अस्पताल इंदौर के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. अनीश गर्ग ने बताया कि इन 100 ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में 87 वर्ष की बुजुर्ग महिला, लगभग 110 किलो वजन वाला मरीज, गंभीर पार्किंसन बीमारी से पीड़ित मरीज और रिवीजन हिप रिप्लेसमेंट जैसे जटिल मामले शामिल रहे। ऐसे मामलों में सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन मेदांता अस्पताल की मजबूत टीम और अत्याधुनिक उपकरणों की वजह से बेहतर परिणाम मिले।
डॉ. अनीश गर्ग के अनुसार, मेदांता अस्पताल इंदौर में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के लिए अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की एक समर्पित टीम कार्यरत है। इसके साथ ही यहां आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, एडवांस इम्प्लांट तकनीक, कंप्यूटर असिस्टेड सर्जरी और बेहतर पोस्ट-ऑपरेटिव केयर की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है।
उन्होंने बताया कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी उन मरीजों के लिए राहत लेकर आती है, जो लंबे समय से घुटनों या कूल्हों के दर्द के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हो जाते हैं। पहले जहां अधिक उम्र या ज्यादा वजन वाले मरीजों में सर्जरी को लेकर आशंका रहती थी, वहीं अब आधुनिक तकनीक के चलते ऐसे मरीज भी सुरक्षित सर्जरी के बाद सामान्य जीवन जी पा रहे हैं।
डॉ गर्ग ने कहा कि मेदांता अस्पताल इंदौर में घुटना और कूल्हा दोनों तरह के ज्वाइंट रिप्लेसमेंट किए जा रहे हैं। तीन माह में 100 ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का आंकड़ा यह दर्शाता है कि इंदौर अब ऑर्थोपेडिक इलाज के क्षेत्र में तेजी से एक भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है।
इसलिए पड़ती है ज्वाइंट रिप्लेसमेंट की जरूरत
- घुटने या कूल्हे के जोड़ों का घिस जाना
- ऑस्टियोआर्थराइटिस या रुमेटाइड आर्थराइटिस
- पुरानी चोट या फ्रैक्चर
- लगातार दर्द, सूजन और चलने में परेशानी
- दवाओं व फिजियोथेरेपी से राहत न मिलना
बचाव के लिए यह करें
- वजन संतुलित रखें
- नियमित हल्का व्यायाम और योग करें
- कैल्शियम व विटामिन-डी युक्त आहार लें
- जोड़ों पर अत्यधिक दबाव से बचें
- दर्द होने पर समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें
—


