- BHIVE Unveils Its First-Ever Brand Film with Milind Soman, Turning Its Campus Workplace Vision into a Movement
- नेशनल अवॉर्ड विनर अंजलि पाटिल की ‘सेल्वी’ ने बुसान प्रीमियर से पहले जारी किया नया पोस्टर
- पूजा बत्रा, अदिति गोवित्रिकर और दीपक तिजोरी ने योगासन चैंपियनशिप में जमाया रंग, फिटनेस को लेकर दिया खास संदेश
- A Soulful Farewell to Bappa: Nirvaan Birla Presents His Rendition of ‘Jai Ganesha Deva’
- Krishna das joins amjad ali khan’s chants for unity for a powerful rendition of om mani padme hum
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अटल स्मृति पर स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का संदेश
इंदौर। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के तक्षशिला परिसर में आयोजित कार्यक्रम सकारात्मक सोच, स्वास्थ्य संवर्धन एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने आया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री राकेश सिंघई जी के नेतृत्व एवं कुलसचिव श्री प्रज्ज्वल खरे जी के कुशल प्रशासनिक मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों का सशक्त उदाहरण रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में एक ओपन जिम का उद्घाटन किया गया, जिसे विशेष रूप से विश्वविद्यालय छात्रावास में निवासरत छात्राओं के लिए विकसित किया गया है। इस अवसर पर कुलगुरु श्री राकेश सिंघई जी ने जानकारी देते हुए बताया कि ओपन जिम का नामकरण विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा, खो-खो में गोल्ड मेडलिस्ट एवं अर्जुन अवार्ड से सम्मानित खिलाड़ी के नाम पर किया गया है, जिससे वर्तमान छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी और उनमें खेल व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
उद्घाटन समारोह में महू–इंदौर की विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर जी, कुलगुरु श्री राकेश सिंघई जी, श्रीमती ज्योति सिंघाई जी, कुलसचिव श्री प्रज्ज्वल खरे जी, उप कुलसचिव सुश्री रचना ठाकुर जी, सहायक कुलसचिव श्री अनुराग द्विवेदी जी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, कार्य परिषद सदस्य, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य कुलगुरु की दूरदर्शी सोच और छात्राओं के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम के दौरान तक्षशिला परिसर में स्थित देवी अहिल्या जी, स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी एवं स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर सभी ने श्रद्धांजलि दी।
महिला शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से इसके पश्चात इंदौर से महू तक साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्य परिषद सदस्य डॉ. ए. के. द्विवेदी ने भी साइकिल रैली में सक्रिय भाग लेकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता के संदर्भ में डॉ. ए. के. द्विवेदी ने उपस्थित लोगों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए साइकिल चलाने के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नियमित साइकिलिंग एक सरल, सुलभ एवं प्रभावी व्यायाम है, जो संपूर्ण शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है।
डॉ. द्विवेदी ने चर्चा के दौरान बताया कि साइकिल चलाने से घुटनों के दर्द, सूजन तथा जॉइंट डिस्प्लेसमेंट जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह व्यायाम जोड़ों पर अत्यधिक दबाव डाले बिना मांसपेशियों को सशक्त बनाता है, जिससे जोड़ों की गतिशीलता बनी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थराइटिस के रोगियों के लिए साइकिलिंग उचित मार्गदर्शन में एक सुरक्षित एवं लाभकारी विकल्प हो सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ओबेसिटी (मोटापा) नियंत्रण में भी साइकिलिंग अत्यंत प्रभावी है। यह न केवल कैलोरी बर्न करने में सहायक है, बल्कि हृदय स्वास्थ्य, रक्त संचार को बेहतर बनाने और मानसिक तनाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डॉ. द्विवेदी ने सभी आयु वर्ग के लोगों से दैनिक जीवन में साइकिलिंग को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ एक स्वस्थ, सक्रिय और रोगमुक्त जीवन की दिशा में सशक्त कदम है।
समग्र रूप से यह आयोजन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सकारात्मक नेतृत्व, सुशासन एवं छात्र-केंद्रित विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। कुलगुरु श्री राकेश सिंघई जी एवं कुलसचिव श्री प्रज्ज्वल खरे जी के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे प्रयास कर रहा है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करते हैं।


