- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
जिले के शिक्षकों को मंत्री डॉ. यादव ने किया सम्मानित
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को देश की सर्वोत्तम विश्वविद्यालय की सूची में सम्मिलित करना हमारा लक्ष्य – मंत्री डॉ. यादव
इंदौर. शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर सोमवार को प्रेस कॉन्पलेक्स स्थित फ्री प्रेस के परिसर में इंदौर जिले के चयनित शिक्षकों को सम्मानित करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रेनू जैन, फ्री प्रेस के संपादक श्री अर्षित गौतम, गीता रामेश्वर ट्रस्ट से श्री विनोद पटेल एवं शिक्षकगण तथा अन्य संबंधित अतिथिगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिले के चयनित शिक्षकों को मंत्री डॉ. यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर मंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि शिक्षक हमारे देश को दिशा प्रदान करते हैं। उनके नेतृत्व में ही हमारे देश का भविष्य निर्मित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर विकास हेतु हम सतत रूप से प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को देश की सर्वोत्तम विश्वविद्यालय की सूची में सम्मिलित करना हमारा लक्ष्य है। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थित शिक्षा संस्थान विश्व के उन्नत संस्थानों से टक्कर ले और देश की शिक्षा प्रणाली से कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके इसके लिए राज्य शासन दृढ़ संकल्पित है।
कुलपति डॉ. रेनू जैन ने कहा कि भारत को विश्व भर में विश्व गुरु के नाम से जाना जाता रहा है। उन्होंने देश के विकास में शिक्षकों के महत्व को समझाते हुये कहा कि यदि रामकृष्ण परमहंश नहीं होते तो विश्व को कभी स्वामी विवेकानन्द भी नहीं मिलते।हमारे देश की शिक्षा और संस्कृति के समन्वय से ही हमने विश्व मानचित्र पर अपने लिए एक अलग स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारी नई शिक्षा नीति हमारे इस स्थान को आगे भी बनाए रखने में विशेष योगदान देगी।


