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चोरों को पकड़ने के लिए खंगाले एक हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज
क्राइम ब्रांच और सराफा पुलिस ने किया नकबजनी का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार
इंदौर. सराफा बाजार में दुकान का ताला तोड़कर 70 लाख रूपये कीमत के जेवरों की चोरी करने वाले नकबजन गिरोह के 2 सदस्य को क्राईम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. एक आरोपी की तलाश जारी हैय वारदात को महाराष्ट्र के गिरोह ने अंजाम दिया थासरगना पूर्व में इंदौर में ही काम करता था. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रैकी कर घटना को अंजाम दिया. सोना चोरी कर मुंबई के व्यापारियों को बेचा था. पुलिस को सुराग हाथ लगे हैं. सराफा पुलिस और इंदौर क्राईम ब्रांच की टीम ने एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाल किया अनसुलझी घटना का पर्दाफाश.
डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि 19 दिसंबर को फरियादी शेख नूर उद्दीन पिता अब्दुल सत्तार द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वह सराफा के व्यापारियों के लिये गहने बनाने का काम करता है. मेरे यहां जेवरात बनाने के लिये सोना रखा था जोकि अज्ञात व्यक्ति मेरी सराफा की 14 नंबर की दुकान से ताला तोड़कर चुरा कर ले गये थे.
उपरोक्त घटना से सराफा व्यवसायियों में रोष व्याप्त था. मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर क्राईम ब्रांच की टीम को निर्देशित किया गया. क्राइम ब्रांच की टीम ने घटना से संबंधित समस्त तथ्यों का अध्ययन किया और 1 हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, लोकेशन व अन्य तकनीकी जांच की गई.
इससे यह पता चला कि जिन आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है उन्होंनें सरवटे के मदनी होटल में खाना खाया था. यहां पर आरोपी फुटेज में कैद हो गये थे. चूॅकि उल्लेखनीय यह भी है कि फुटेज में कैद चार पहिया वाहन पर जो नम्बर प्लेट लगी थी वो एमएच 01 एमई 9197 थी. अतः क्राईम ब्रांच ने महाराष्ट्र की ओर जाने वाले सारे रास्तों के टोल नाकों के फुटेज देखे.
इसमें उपरोक्त वाहन नजर आया. इसी कड़ी में सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुये क्राईम ब्रांच की टीम आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र रवाना हुई. रास्ते के सारे फुटेज को चेक करती गई जिनसे होकर उस वाहन में सवार नकबजन भागे थे. तकनीकी सूचना सकंलन के अधार पर क्राईम ब्रांच की टीम नकबजनों के ठिकाने तक पहुंची थी.
टीम ने अरशद अली पिता खुरशद अली (28) निवासी मुंबई, मो. सईद पिता अलाउददीन खान (35) निवासी थाणे को पकड़ा. उन्होंनें पूछताछ में कबूला कि उनके साथ तीसरा आरोपी इकबाल (42) निवासी बांद्रा भी था. वह वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था जिसकी तलाश की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंनें चोरी किया हुआ सोना मुंबई के ही व्यापारियों को बेच दिया था जिनके संबध में सुराग पुलिस के हाथ लग चुके हैं. गिरफ्तार दोनों आरोपियों से लाखों रूपये का सोना व लगभग 02 लाख 80 हजार नगदी बरामद की गई है।
रिश्तेदार है आरोपी
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आरोपी अरशद अली, इंदौर में ही विगत छः वर्ष पूर्व में फरियादी के यहां काम करता था जोकि फरियादी का रिश्तेदार भी है. इसलिए उसे दुकान के संबंध में पूरी जानकारी थी. आपसी विवाद होने पर वह काम छोड़कर वापस मुंबई चला गया था. उसकी मित्रता आरोपी मो. सईद खान से हो गई जोकि कुख्यात नकबजन है. आरोपी सईद के साथ और उसके परिचित इकबाल के साथ मिलकर आरोपी अरशद ने इंदौर में चोरी की योजना बनाई और रैकी कर वारदात को अंजाम दिया.
गुमराह करने लगाई गलत नंबर प्लेट
आरोपियों ने मुंबई से यहां आते वक्त अपने वाहन पर गलत नम्बर प्लेट चस्पा की और इंदौर से चोरी करने के बाद जाते वक्त पुलिस को गुमराह करने के लिये महाराष्ट्र में पँहुचकर पुनः नम्बर प्लेट बदल ली थी. इनसे उक्त चार पहिया वाहन को भी जप्त किया गया है. आरोपियों के तीसरे साथी इकबाल की तलाश जारी है किंतु जिनकों इन्होंनें सोना बेचा था उन व्यापारियों तक भी पुलिस पहुंच कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करेगी.


