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नेटफ्लिक्स की ‘ग्लोरी’ के मुख्य किरदार सुविंदर विकी, दिव्येंदु और पुलकित सम्राट चंडीगढ़ पहुँचे, जहां उन्होंने ‘ग्लोरी’ का जबरदस्त ट्रेलर दिखाया और पूरे माहौल को जोश और उत्साह से भर दिया।
यह हरियाणा के दो भाईयों की कहानी है, जिन्हें बदले की आग न चाहते हुए भी घर वापस खींच लाती है, जहाँ
बॉक्सिंग रिंग के अंदर व बाहर वो एक ऐसे संघर्ष में उलझ जाते हैं, जो भरोसे का सामना रहस्यों से करवाता है
चंडीगढ़, 27 अप्रैल, 2026: नेटफ्लिक्स की ग्लोरी हरियाणा की बॉक्सिंग बेल्ट की कहानी लेकर चंडीगढ़ पहुँची। अभिनेता सुविंदर विकी, दिव्येंदु, पुलकित सम्राट के साथ क्रिएटर-डायरेक्टर करन अंशुमन ने चंडीगढ़ आकर इस सीरीज़ का जबरदस्त ट्रेलर दिखाया।
ग्लोरी बदले और महत्वाकांक्षा की एक सनसनीखेज कहानी है, जो एक हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है। इसकी रचना करन अंशुमन और कर्मण्य आहूजा ने की है। इसकी कहानी भारत में बॉक्सिंग की दुनिया पर आधारित है, जिसमें रिंग ही वह जगह है, जहाँ व्यक्तिगत दुश्मनी का हिसाब लिया जाता है, रहस्यों को दफना दिया जाता है, और जज़्बाती हिसाब चुकता किए जाते हैं। यहाँ हर मुक्के का एक परिणाम होता है, और हर राउंड सच्चाई को एक कदम और करीब ले आता है।
ग्लोरी की कहानी एक टूटे हुए परिवार पर आधारित है, जिसे हालात एक बार फिर साथ आने को मजबूर कर देते हैं। ओलिंपिक में मैडल लाने के जुनून के साथ एक सख्त बॉक्सिंग कोच, रघुबीर सिंह (सुविंदर विकी) एक ऐसी विरासत को बचाने की कशमकश में उलझा है, जो तनावपूर्ण रिश्तों के वजन से धीरे-धीरे बिखरती जा रही है। उसके बेटे देव (दिव्येंदु) और रवि (पुलकित सम्राट) को अपनी बहन गुड़िया (जन्नत जुबैर) पर हुए क्रूर हमले और उभरते हुए बॉक्सिंग खिलाड़ी, निहाल सिंह की हत्या के पीछे की सच्चाई जानने के लिए शक्तिगढ़ लौटना पड़ता है।
सुविंदर विकी ने कहा, ‘‘रघुबीर सिंह केवल एक कोच नहीं है। उस आदमी ने अपना पूरा जीवन अनुशासन से बनाया है। उनके जीवन में न तो कमजोरी की कोई जगह है, और ना वो इसकी इजाजत देते हैं। उनकी खामोशी ने मुझे बहुत प्रभावित किया। वो बहुत कम बोलते हैं, लेकिन वो जो कुछ भी करते हैं, वह सालों की दृढ़ता, बलिदान और बॉक्सिंग के मूल्यों में उनके अटल विश्वास पर आधारित होता है। उनकी खामोशी में एक मौन अधिकार है। कोच रघुबीर के मुताबिक ग्लोरी भावना से नहीं मिलती है, बल्कि इसे रूटीन, दर्द, और हर दिन अपने हौसले से कमाया जाता है। उनके लिए रिंग कोई जगह नहीं, बल्कि जीवन का एक तरीका है, यह एक जुनून है, जो बाकी सबसे बढ़कर है।”
देविंदर सिंह के किरदार के बारे में दिव्येंदु ने बताया कि, ‘‘मैं ग्लोरी की ओर इसकी मौलिकता के कारण आकर्षित हुआ। यहाँ ग्लोरी गर्व से नहीं मिलती, बल्कि क्रोध से मिलती है, जो बहुत व्यक्तिगत है। देव रिंग में नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी हर चीज उसका किरदार बनाती है। इसीलिए वह इतना अप्रत्याशित है। मैंने अभी तक जो भी किरदार किए हैं, उन सबमें यह सबसे जटिल किरदारों में से एक है। वह मजबूत है, उग्र है और कोई भी बात दिल में नहीं रखता है। वह प्यार भी उसी शिद्दत से करता है, जिस शिद्दत से नफरत करता है। उसके
दिल में काफी दर्द है। लेकिन संयम भी है। वह कभी भी ह्यूमर कम नहीं होने देता, जिससे प्रदर्शित होता है कि उसका किरदार इस क्षेत्र की जमीन से जुड़ा हुआ है। मुझे दूसरी बार करन अंशुमन के साथ काम करके बहुत खास महसूस हुआ। वो आपको मुश्किल दायरों में लेकर जाते हैं और किरदार के लिए कभी भी आसान रास्ता नहीं अपनाने देते।’’
देव और रवि, दोनों ही कई भावनात्मक परतें रखते हैं। वो जीवन की परिवर्तनकारी परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उनका सफर आसान नहीं है क्योंकि ‘‘ग्लोरी त्याग, बलिदान और कष्ट” की मांग करती है।
पुलकित सम्राट ने बताया कि, ‘‘ग्लोरी की ओर मैं इसलिए आकर्षित हुआ क्योंकि वह दुनिया सच्ची है, मजबूत है, माफ नहीं करती और यही इसकी सुंदरता है क्योंकि यहाँ हर जीत मायने रखती है और हर कदम अपनी मेहनत से हासिल करना पड़ता है। रवि रिएक्ट नहीं करता, बल्कि मन में रख लेता है। वह बाहर से शांत है, पर उसके अंदर आग जल रही है। नियंत्रण में रहने और गुस्सा फूटने के बीच यही स्पेस है, जिसमें असली शक्ति पनपती है।
उसका किरदार निभाकर मुझे एहसास हुआ कि महानता बार-बार उठने में है, भले ही अंदर दर्द हो रहा हो क्योंकि चैंपियन तभी बनते हैं, जब वो हर चोट को सह लेते हैं। यह केवल एक झलक है। मैं यह किरदार निभाकर बहुत शुक्रगुजार महसूस कर रहा हूँ।’’
मोहित शाह और अंशुमन द्वारा एटॉमिक फिल्म्स बैनर के अंतर्गत निर्मित ग्लोरी की कहानी अंशुमन, आहूजा और वैभव विशाल ने लिखी है, तथा इसका निर्देशन करन अंशुमन और कनिष्क वर्मा ने किया है।
ग्लोरी का प्रीमियर नेटफ्लिक्स पर 1 मई को होगा!


