- Vikram Solar Brings Together Indore’s Renewable Energy Players at 'PowerConnect 2026'
- विक्रम सोलर का ‘पावरकनेक्ट 2026’ में इंदौर के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया
- आकाशवाणी के ‘हेलो डॉक्टर’ में डॉ. ए.के. द्विवेदी ने श्रोताओं के सवालों का वैज्ञानिक तरीके से दिया समाधान
- Movies & Shows that bring the reality of hospital corridors to life
- Sidharth Malhotra On Finding Truth In The Supernatural World Of Vvaan
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भूमि, भवन आवंटन के लिये नये नियम हुए लागू
विभागीय अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को दिया प्रशिक्षण
इंदौर. राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों को क्लस्टर में भूमि/भवन आवंटन के संबंध में नये नियम लागू हो गये हैं. राज्य शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) द्वारा औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 का राजपत्र में प्रकाशन 18 जून 2021 को कर दिया गया है. यह नियम पूरे प्रदेश में लागू किये गये हैं. इस नियम की जानकारी देने के लिये आज इंदौर में इंदौर एवं उज्जैन संभाग के विभागीय अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश एमएसएमई को औद्योगिक भूमि भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम-2021 के बारे में एवं क्लस्टर विकास के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधकों तथा उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश एमएसएमई को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 के बारे में उद्योग संचालनालय, भोपाल से आये हुए अधिकारियों द्वारा नियमों के बारे में बताया गया. इंदौर जिले में विगत कुछ माहों में फर्नीचर क्लस्टर टॉयज क्लस्टर फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर, फार्मा क्लस्टर आदि स्थापित करने के लिये इच्छुक उद्योग संघों, संस्थाओं द्वारा प्रयास किये गये हैं एवं इस नीति के जारी होने से प्रमुखतः अशासकीय भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये नियम जारी कर दिये गये हैं. इस नीति के जारी होने के फलस्वरूप इंदौर जिले में क्लस्टर विकास योजनाओं के अंतर्गत क्लस्टरों के विकास की गति में तेजी आएगी.
नीलामी से आवंटित होगी भूमि
मध्यप्रदेश एमएसएमई को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन प्रबंधन नियम-2021 जो कि पूर्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 को अधिक्रमित करते हुए जारी किये गये हैं. इन नियमों के अंतर्गत प्रदेश के समस्त औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों के आवंटन तथा नियमित की जाने वाली भूमियों को नीलामी से आवंटित किया जायेगा. साथ ही आवंटन/हस्तांतरण किये जाने वाले भूखंडों पर विकास शुल्क अधिरोपित किये जाएंगे. पाँच सौ वर्गमीटर तक के भूखंडों के आवंटन/हस्तांतरण पर प्रब्याजी में छूट 95 प्रतिशत के स्थान पर 90 प्रतिशत की गयी हैं.
कहां कितना होगा निवेश
फर्नीचर क्लस्टर के अंतर्गत विकास कार्यों में 192 करोड रूपये पूंजी निवेश किया जायेगा। वहां स्थापित होने वाली इकाईयों में 600 करोड़ रूपये प्रस्तावित पूंजी निवेश होगा तथा 10 हजार व्यक्तियों को रोजगार प्रस्तावित किया गया है। टॉयज क्लस्टर के अंतर्गत विकास कार्यों में 20 करोड़ रूपये पूंजी निवेश किया जायेगा तथा वहां स्थापित होने वाली इकाईयों में 8 करोड़ रूपये प्रस्तावित पूंजी निवेश होगा। दो हजार व्यक्तियों को रोजगार प्रस्तावित किया गया है। फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर के अंतर्गत विकास कार्यों में 50 करोड़ रूपये पूंजी निवेश किया जायेगा तथा वहां स्थापित होने वाली इकाईयों में 100 करोड़ रूपये प्रस्तावित पूंजी निवेश होगा तथा 1420 व्यक्तियों को रोजगार प्रस्तावित किया गया है। फार्मा क्लस्टर के अंतर्गत विकास कार्यों में 25 करोड़ रूपये पूंजी निवेश किया जायेगा तथा वहां स्थापित होने वाली इकाईयों में 250 करोड़ रूपये प्रस्तावित पूंजी निवेश होगा तथा चार हजार व्यक्तियों को रोजगार प्रस्तावित किया गया है। कन्फेक्शनरी क्लस्टर के अंतर्गत विकास कार्यों में 50 करोड़ रूपये पूंजी निवेश किया जायेगा तथा वहां स्थापित होने वाली इकाईयों में 160 करोड़ रूपये प्रस्तावित पूंजी निवेश होगा तथा 10 हजार व्यक्तियों को रोजगार प्रस्तावित किया गया है।


