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गर्भग्रह में केवल पुजारी ही अभिषेक कर सकेंगे
धर्म स्थलों के खुलने के संबंध में हुई विस्तृत चर्चा, सांसद, कलेक्टर, डीआईजी एवं पंडित-पुजारी रहे मौजूद
विस्तृत एस.ओ.पी. तथा दिशा निर्देश के साथ जारी होगा आदेश
इंदौर. लंबे समय से बंद धार्मिक स्थानों को आमजन हेतु खोलने के संबंध में आज रेसीडेंसी सभाकक्ष में विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान सांसद श्री शंकर लालवानी, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, डीआईजी श्री हरिनारायण चारी मिश्र, श्री गौरव रणदिवे, डॉ निशांत खरे एवं पंडित-पुजारी, धार्मिक विद्वान आदि उपस्थित थे।
बैठक के दौरान धार्मिक स्थलों के संचालन तथा कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए आमजनों के प्रवेश, पूजन, प्रतिष्ठान आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि, गर्भग्रह में केवल पुजारी ही अभिषेक कर सकेंगे।
आमजनों के लिए गर्भग्रह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। चूँकिं कोरोना वायरस लोहे की सतह पर करीब 3 दिन तक जिंदा रह सकता है अत: मंदिर परिसर में लोहे के गेट, रेलिंग, घंटी आदि सभी पर कपड़ा बांधा जाने के निर्देश दिए गए।
सांसद श्री लालवानी ने कहा कि, मंदिर खुलने की स्थिति में निश्चित संख्या में ही लोगों का प्रवेश हो। ऐसा किसी भी प्रकार का आयोजन और उत्सव ना किया जाए जिससे भीड़ की संभावना हो।
कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने कहा कि धर्मस्थलों के संबंध में महत्वपूर्ण बात पुजारियों का सुरक्षित रहना भी है। अन्यथा की स्थिति में मंदिर संक्रमण का केंद्र बन सकता है। अतः मंदिर परिसर में बाहर ही जलपात्र रखा जाएगा। किसी भी प्रकार के आयोजन आदि नहीं होंगे।
शोभायात्रा, भंडारा, खिचड़ी-प्रसाद आदि का बांटना भी प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर के बाहर नियमों से संबंधित नोटिस लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक विस्तृत एसओपी जारी कर, दिशा निर्देश दिए जाएंगे जिसके अनुसार ही धर्मस्थल संचालित किए जा सकेंगे।


