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राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित हुई इंदौर की पलक शर्मा
एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली देश की पहली महिला गोताखोर है पलक
इंदौर. पुराने समय की कहावत खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब, पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब से प्रतीत होने वाली दूषित मानसिकता को तिलांजली देकर इंदौर निवासी 13 वर्षीय पलक शर्मा ने ना केवल देश में बल्कि विश्व में इंदौर शहर के नाम का परचम लहराया है।
सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय गोताखोर पलक शर्मा को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर श्री मनीष सिंह भी मौजूद रहे।
इंदौर की होनहार बेटी पलक ने वर्ष 2019 में एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। पलक देश की पहली ऐसी महिला गोताखोर है जिन्होंने एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में देश के लिये स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा पलक छ: राष्ट्रीय स्पर्धाओं में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर विभिन्न वर्गों में 12 स्वर्ण पदक तथा 4 रजत पदक प्रदेश के नाम अर्जित कर चुकी हैं।
पलक कहती है कि आगे बढ़ने के लिये मेहनत बहुत जरूरी है। इसलिए वह निरंतर दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की और अग्रसर रहती है। उन्होंने बताया कि वे ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती है। पलक अपने गुरु रमेश व्यास एवं अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानती हैं। पलक ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण शहर में स्विमिंग पूल अभी शुरू नहीं हुये है। जिस कारण उनकी प्रैक्टिस प्रभावित हो रही है।
इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने तत्काल कार्यवाही करते हुये संबंधित स्विमिंग पूल जहां पलक प्रैक्टिस करती है, उसे फिर से शुरू कराने के निर्देश दिये। साथ ही मंत्री श्री सिलावट एवं मंत्री सुश्री ठाकुर ने पलक एवं उसके अभिभावकों को आश्वासन दिया कि पलक को उसके लक्ष्य तक पहुचाने के लिये जिस भी तरह के सहयोग एवं संसाधनों की आवश्यकता होगी वह राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की जायेगी।
पलक के पिता पंकज शर्मा ने बताया कि पलक ने 8 साल की उम्र से गोताखोरी की प्रैक्टिस करना शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि पलक का अभी तक का सफर आसान नहीं रहा। पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी अपनी गति बनाये रखने के लिये पलक को चार साल में चार बार स्कूल बदलने पड़े है। वह निरंतर सुबह शाम आठ घंटे प्रैक्टिस करती है।
देश के 32 बच्चों को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
सोमवार को आयोजित हुये वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले 32 बच्चों से संवाद किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बच्चों को संबोधित करते हुये कहा कि आज का यह कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत की सुंदर अभिव्यक्ति को प्रकट करता है।
उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे निरंतरता के साथ देश के लिये कुछ करने का संकल्प मन में लेकर आगे बढ़ते रहे। उन्होंने कहा ”मुझे आशा है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 न केवल विजेताओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि लाखों युवाओं को सपने देखने, उनकी आकांक्षा और उनकी सीमाओं को विस्तार देगा”।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से दिया जाता है। इस साल नवाचार के लिए नौ पुरस्कार दिए गए हैं। कला और संस्कृति के क्षेत्र में सात पुरस्कार दिए गए हैं, वहीं शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पांच पुरस्कार, खेल श्रेणी में सात पुरस्कार, बहादुरी के लिए तीन पुरस्कार और एक बच्चे को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए पुरस्कार दिए गए हैं।
इस तरह कुल 32 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह विदित है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार शैक्षणिक, खेल, कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा और बहादुरी के क्षेत्रों में असाधारण क्षमताओं के लिए दिया जाता है।


