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पॉजिटिव सोच और संतुलित जीवनशैली है स्वास्थ्य का मंत्र : डॉ. ए.के. द्विवेदी
हिन्दी पखवाड़ा के अन्तर्गत शासकीय महाविद्यालय राऊ में विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम
विद्यार्थियों ने लिया संकल्प – स्वस्थ रहकर करेंगे भारत का नाम रोशन
इंदौर। शासकीय महाविद्यालय गुरुकुल परिसर, राऊ में आयोजित विशेष परिसंवाद का आयोजन हुआ। इसमें वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक एवं प्रांत संयोजक (शिक्षा-स्वास्थ्य), मालवा प्रांत, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली, डॉ. ए.के. द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली ही स्वास्थ्य का असली मंत्र है।”
हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत विशेष परिसंवाद कार्यक्रम में डॉ. द्विवेदी बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उनका स्वागत प्रभारी प्राचार्य डॉ. डी.सी. राठी ने किया। अपने उद्बोधन में डॉ. द्विवेदी ने कहा कि असंतुलित दिनचर्या, देर रात तक जागना, मोबाइल-टीवी पर अधिक समय बिताना, जंक फूड का सेवन, व्यायाम की कमी और तनाव जैसी आदतें शरीर को अंदर से कमजोर कर देती हैं। यही कारण है कि मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, गैस्ट्राइटिस, अनिद्रा, माइग्रेन, ऑस्टियोपोरोसिस, एनीमिया, पाइल्स, फिशर-फिस्टुला, पथरी, वेरिकोज वेन्स, स्लिप डिस्क और स्पॉन्डिलाइटिस जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन बीमारियों में होम्योपैथी पद्धति से किया गया उपचार बेहद प्रभावी है। माइग्रेन, पाइल्स, फिस्टुला, पथरी और स्पॉन्डिलाइटिस जैसे मामलों में बिना सर्जरी राहत संभव है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मधुमेह के मरीजों को दवाएं डिस्टिल्ड वाटर में दी जाती हैं, जिससे शुगर का स्तर बढ़ता नहीं बल्कि नियंत्रित रहता है।
डॉ. द्विवेदी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें, सकारात्मक सोच बनाए रखें तथा धूम्रपान और शराब जैसी हानिकारक आदतों से दूरी बनाए रखें।
उन्होंने छात्रों से शपथ दिलवाई कि वे आज से ही जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहेंगे तथा समाजकल्याण में योगदान देकर भारत का नाम रोशन करेंगे।
इस अवसर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता एवं स्लोगन प्रतियोगिता के विजेताओं को डॉ. द्विवेदी ने प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। निबंध प्रतियोगिता में अजय डोडवा (प्रथम), रश्मि पटेल (द्वितीय) और राजकुमार श्री सम्राट (तृतीय) रहे। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में ममता कुशवाहा (प्रथम), रश्मि पटेल (द्वितीय) और पुष्पांजलि पाण्डेय (तृतीय) स्थान पर रहीं। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डॉ. श्वेता हार्डिया (भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ प्रभारी) ने किया। सह-संयोजक डॉ. सीताराम अनारे ने आभार प्रदर्शन किया। वहीं डॉ. निकिता कर्मा, डॉ. ग़ाल सिंह ठाकुर एवं डॉ. कुसुम वास्केल ने सदस्य के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


