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वर्षाकाल में टेरेस गार्डन तैयार करें, जैविक सब्जियां उगाकर जहरीले रसायनों से बचें
अग्रवाल समाज महिला प्रकोष्ठ द्वारा टेरेस गार्डन पर वर्कशाप
इंदौर। महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति द्वारा आज नवलखा स्थित विसर्जन आश्रम पर आयोजित वर्कशाप में उद्यानिकी क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ सुस्मित व्यास ने मकान की छत पर उद्यान विकसित करने और जैविक सब्जियां लगाने के अनेक आसान टिप्स भी सिखाएं।
व्यास ने कहा कि जैविक खाद के प्रयोग से खतरनाक रसायनों वाले उर्वरक और अन्य बुराईयों से बचकर स्वस्थ मन और स्वस्थ तन की कहावत भी चरितार्थ हो सकती है।
नवलखा स्थित विसर्जन आश्रम पर आयोजित इस वर्कशॉप में प्रकोष्ठ की 150 से अधिक सखियों ने हरे रंग के ड्रेस कोड मंे उत्साह के साथ भाग लिया।
व्यास ने कहा कि बाजार में आजकल खतरनाक रसायनों और अन्य दवाओं के प्रयोग से सब्जी में विषाक्त कण भी पहुंच रहे हैं जिनका असर हमें तत्काल नहीं, बहुत समय बाद महसूस होता है इसलिए एक छोटे परिवार के लिए प्रतिदिन काम आने वाली जैविक सब्जियां, जिनमें टमाटर, मैथी, बैंगन, मूली, गाजर, पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च आदि को बिना माली की मदद के गमलों में छत पर ही उगाया जा सकता है।

यह तभी संभव है जब आपकी छत पर वाटरप्रूफिंग सही हो और पौधों को पानी देने तथा उनकी निकासी का भी उचित प्रबंध हो। पौधे इस ढंग से लगाए जाएं कि सिंचाई और गुढ़ाई के लिए हम उन तक पहंुच सकें। गर्मी के दिनों में हवा और पानी तथा उचित धूप भी इन पौधों को मिलना चाहिए।
इसी तरह छत पर बनाए जाने वाले बगीचे में भी सुंदर फल और फूल जैसे नींबू, अनार, अमरूद, पपीता, केला और गुलाब तथा मोगरे सहित अनेक किस्म के सुंदर फूल भी लगाये जा सकते है। टेरेस गार्डन में भी आजकल वास्तु का ध्यान रखा जाने लगा है।
गमलों का प्रयोग इस तरह से होना चाहिए कि प्लास्टिक के पतले गमलों के बजाय टीन या मिटटी के टिकाऊ गमले अच्छी मिट्टी भरकर लगाना चाहिए। पौधो वाली छत की नियमित साफ सफाई भी बहुत जरूरी है।
यदि छत पर हरे भरे और रंगबिरंगे फल फूल होंगे तो छत पर कुछ समय बैठ कर शुद्ध और ताजी हवा भी सेहत के लिए लाभप्रद होती है। इससे हमें व्यायाम का अभ्यास भी होता रहेगा। छत पर टेबल-कुर्सी लगाकर अपनी बैठक भी बनाई जा सकती है।
वर्कशाप के बाद व्यास ने सखियों के सवालों और जिज्ञासाओं के संतोषप्रद और व्यवहारिक जवाब भी दिये। वर्कशाप के बाद विसर्जन आश्रम परिसर में लायंस क्लब के रमेश गुप्ता के साथ सखियों ने भी पौधे भी रोपे। सखियों को घर पर ले जाकर रोपने के लिए दो दो मौसमी पौधे भी भैंट किये गये। अंत में अध्यक्ष प्रतिभा मित्तल ने आभार माना। प्रकोष्ठ की ओर से विसर्जन आश्रम के सहायतार्थ राशि भी भैंट की गई।


