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साबु ट्रेड का ऐतिहासिक नवाचार – ‘सच्चासाबु न्यूट्रीदाना’ से सुपरफूड बाजार में नई क्रांति
इंदौर/सेलम | दिसंबर 2025: साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, सेलम ने लगभग एक वर्ष के गहन वैज्ञानिक अनुसंधान के पश्चात एक प्रोपराइटरी, ग्लुटेन-मुक्त, फॉर्टीफाइड खाद्य-उत्पाद ‘सच्चासाबु® न्यूट्रीदाना™’ के निर्माण की तकनीक का पेटेंट फाइल किए जाने की घोषणा की। इस नवाचार के माध्यम से भारतीय खाद्य उद्योग में एक नए युग की शुरुआत होगी।
इस अवसर पर कंपनी के चेयरमैन गोपाल साबु ने अपने बताया कि , “सच्चासाबु® न्यूट्रीदाना™ परंपरा और आधुनिक पोषण विज्ञान का अद्भुत संगम है। जैसे हमारे एगमार्क सर्टिफाइड साबूदाना, सेलम की विशिष्ट हल्दी, नारियल पाउडर, श्रीधान्य (मीलेट्स) और खीचिया पापड़ ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है, उसी प्रकार न्यूट्रीदाना™ कसावा आधारित उद्योग तथा हेल्दी स्नैक्स बाजार में एक नई क्रांति स्थापित करेगा।” सच्चासाबु® न्यूट्रीदाना™ एक प्रोपराइटरी, ग्लुटेन-मुक्त, फलाहारी एवं स्वास्थ्यप्रद खाद्य-उत्पाद है, जिसमें कसावा (टैपिओका), राजगिरा, श्रीधान्य (मीलेट्स) एवं बीज-आधारित पौष्टिक आटों का वैज्ञानिक संयोजन किया गया है। यह प्रोटीन, फाइबर एवं विटामिन्स से भरपूर, सुपाच्य तथा शीघ्र तृप्ति देने वाला उत्पाद है, जो व्रत-उपवास में भी पूर्णतः उपयुक्त है।
प्रारंभिक चरण में न्यूट्रीदाना™ दो वैरायटी में उपलब्ध होगा— (1) रोस्टेड – जिससे खिचड़ी, खीर, टिक्की, वड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन अधिक पोषक और स्वादिष्ट रूप में बनाए जा सकेंगे; तथा (2) बायल्ड – जिसे खीर-खिचड़ी बनाने के साथ-साथ तल कर नमकीन के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा। आगे चलकर कंपनी इसे Ready-To-Eat हेल्दी स्नैक्स श्रेणी में भी लॉन्च करेगी, जिससे भारत में एक नई “हेल्दी-टेस्टी स्नैक” श्रेणी का विकास होगा। कंपनी के अनुसार ‘सच्चासाबु® न्यूट्रीदाना™’ अप्रैल 2026 के प्रथम सप्ताह तक भारतीय बाजार में उपलब्ध होगा। इसका वितरण देश-विदेश में सच्चासाबु® एगमार्क साबूदाना, अल्पाहार® एवं कुकरीजॉकी® ब्रांड के मौजूदा सक्षम वितरक नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा।
श्री साबु ने यह भी बताया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए कंपनी अगले वर्ष IPO लाने की योजना पर भी कार्य कर रही है, जिसकी पूर्व सूचना कंपनी से वर्षों से जुड़े वितरकों, प्रतिष्ठानों एवं निवेशकों को प्राथमिकता से दी जाएगी।
सच्चामोती ट्रेडमार्क विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के पालन में दिनांक 14 अक्टूबर 2015 से सच्चामोती ब्रांड का उत्पादन, विक्रय एवं विज्ञापन अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। इसके विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में SLP संख्या 33195 एवं 33196/2025 दाखिल की गई हैं, जो वर्तमान में विचाराधीन हैं। साबु ट्रेड के अन्य सभी प्रीमियम एवं एगमार्क उत्पाद – सच्चासाबु एगमार्क साबूदाना, साबूदाना पापड़, अल्पाहार नारियल बूर्रा, मखाना, सेलम की हल्दी पाउडर, कुकरीजॉकी श्रीधान्य (मीलेट्स) एवं खीचिया पापड़ – पूर्ववत रूप से बाजार में निर्बाध उपलब्ध हैं। कंपनी को भारतीय न्याय-व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है कि विलंब से ही सही, सत्य को न्याय अवश्य प्राप्त होगा।
बाजार परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए श्री गोपाल साबु ने बताया कि वर्तमान में सेलम मंडी में साबूदाना पिछले छह वर्षों के न्यूनतम स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऐतिहासिक अनुभव यह दर्शाता है कि कसावा कंद की खेती तथा साबूदाना-स्टार्च के भावों में लगभग तीन वर्षीय चक्र चलता है, जिसमें हर तीसरे वर्ष उच्चतम तथा फिर हर तीसरे वर्ष न्यूनतम स्तर देखने को मिलता है। वर्ष 2025 न्यूनतम भावों का वर्ष सिद्ध हुआ है, अतः दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच बाजार में स्थिरता आने तथा 2026-27 में स्पष्ट तेजी बनने की प्रबल संभावना है। वर्तमान तात्कालिक भावों में किसी भी नई मंदी की संभावना नगण्य है, इसलिए साबूदाना में यह समय निवेश के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
हल्दी बाजार पर उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, न्यूट्रास्यूटिकल्स, मसाला उद्योग एवं औषधि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण आने वाले समय में हल्दी के भावों में स्थायी तेजी का रुख बना रह सकता है।
श्रीधान्य (मीलेट्स) के संदर्भ में उन्होंने बताया कि कई राज्यों द्वारा MSP में वृद्धि, सरकार द्वारा पोषण अभियान, बहुराष्ट्रीय खाद्य कंपनियों द्वारा मीलेट्स आधारित उत्पादों की बढ़ती खपत तथा उपभोक्ताओं में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण मीलेट्स की मांग निरंतर बढ़ रही है। इस वर्ष कुछ क्षेत्रों में उत्पादन कम रहने से इसमें तेजी व मजबूती दोनों का वातावरण बना हुआ है।
नारियल पाउडर बाजार पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाह-सावों का सीजन समाप्त होने तथा दक्षिण भारत में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने से फिलहाल नारियल पाउडर में मंदी का रुख बना हुआ है, हालांकि दीर्घकाल में इसमें संतुलन की उम्मीद है।
श्री साबु ने निष्कर्ष रूप में कहा कि कुल मिलाकर कृषि-जिंसों का वर्तमान बाजार चक्रीय बदलाव (Cyclical Rebound) की ओर अग्रसर है, जिसमें साबूदाना, हल्दी और श्रीधान्य जैसे उत्पादों में आगामी वर्षों में मजबूती तथा निवेश के बेहतर अवसर दिखाई दे रहे हैं।
‘सच्चासाबु® न्यूट्रीदाना™’ केवल एक नया उत्पाद नहीं, बल्कि भारत के पोषण-भविष्य की दिशा में एक निर्णायक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक क्रांतिकारी कदम है।


